Gujarat News: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने ईंधन बचत और ‘आर्थिक आत्मरक्षा’ के संदेश के तहत राज्य में साधारण सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने का निर्णय लिया है। राज्यपाल ने कहा है कि पेट्रोलियम स्थिति सामान्य होने तक वह राज्य के भीतर हवाई यात्रा और हेलिकॉप्टर का उपयोग नहीं करेंगे। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मई 2026 को हैदराबाद में दिए गए संबोधन के बाद लिया गया है, जिसमें उन्होंने देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सात विशेष अपीलें की थीं।
सुरक्षा काफिले में न्यूनतम वाहन रखने के निर्देश
राजभवन में आयोजित बैठक में राज्यपाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ चर्चा करते हुए निर्देश दिया कि वह राज्य के अंदर यात्रा के लिए ट्रेन, एसटी बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपने जेड प्लस सुरक्षा काफिले में भी न्यूनतम वाहन रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि ईंधन की बचत हो सके। बैठक में लोकभवन के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक शर्मा, गृह नियंत्रक ए.के. जोशी, एडीसी शुभम कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल
राज्यपाल ने राज्य की सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को निर्देश दिया है कि सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘कम्बशन इंजन मुक्त दिवस’ के रूप में मनाया जाए। इस दौरान शिक्षक और विद्यार्थी पेट्रोल-डीजल वाहनों के बजाय साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सरकारी कार्यों में अनावश्यक वाहन उपयोग कम करने और ईंधन बचाने के लिए सभी संभव कदम उठाने को कहा गया है।
देश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान
राज्यपाल ने कहा कि ईंधन बचत, स्वदेशी उत्पादों का उपयोग, प्राकृतिक खेती और खाद्य तेल की खपत कम करना केवल आर्थिक विषय नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि बचाया गया प्रत्येक ईंधन और प्रत्येक रुपया देश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देगा। उन्होंने गुजरात के नागरिकों से भी ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ इस अभियान में भाग लेने की अपील की है।
