गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 4.08 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जिसमें पर्यटन और 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों के लिए खेल बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। करीब 974 करोड़ रुपये के अधिशेष वाले इस बजट में कोई नया कर नहीं लगाया गया है और इलेक्ट्रिक वाहन के लिए पांच प्रतिशत कर छूट को जारी रखा गया है। देसाई ने बताया कि कुल परिव्यय पिछले वर्ष की तुलना में 10.2 प्रतिशत बढ़कर 4,08,053 करोड़ रुपये हो गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने बजट को विश्वास- आधारित शासन और मानव-केंद्रित आर्थिक ढांचे के विजन को साकार करने वाला बजट करार दिया है। कहा यह बजट सामाजिक सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, ढांचागत सुविधाओं, आर्थिक विकास और ग्रीन ग्रोथ सहित पांच स्तंभों पर आधारित है। इस बजट में समाज के सभी वर्गों विशेषकर ‘ग्यान’ यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
4 लाख 8 हजार करोड़ रुपए का बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2026-27 के इस बजट का आकार 4 लाख 8 हजार करोड़ रुपए है, जो गत वर्ष की तुलना में बजट के आकार में 10.2 फीसदी की वृद्धि को दिखाता है। बजट आवंटन की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि बजट के कुल खर्च का 65 फीसदी विकास-उन्मुख खर्च के लिए आवंटित किया गया है। इतना ही नहीं, शिक्षा, खेल, कला एवं संस्कृति के लिए 20 फीसदी यानी 64 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि आवंटित की है। शिक्षित, कुशल, उत्कृष्ट और भविष्य के लिए तैयार युवा शक्ति के निर्माण के लिए बजट में ‘नमो गुजरात कौशल और रोजगार मिशन’ के लिए 226 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
स्वास्थ्य कल्याण और सामाजिक सेवाओं के लिए 19 फीसदी और कृषि, सिंचाई, पानी और शहरी विकास के लिए 11 फीसदी आवंटन किया गया है, जो प्रधानमंत्री की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की संकल्पना को साकार करेगा। पर्यटन क्षेत्र को और नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए वर्ष 2026 को ‘गुजरात पर्यटन वर्ष’ के रूप में घोषित कर 6500 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया है। भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती वर्ष में आदिवासी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए 35 हजार करोड़ रुपए से अधिक राशि आवंटित की है।
चार आदिवासी जिलों की 18 तहसीलों के 51,480 हेक्टेयर क्षेत्र में उद्वहन सिंचाई (लिफ्ट इरिगेशन) योजना का आयोजन भी किया गया है। इसी प्रकार, आदिवासी युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए आदिवासी क्षेत्रों में 5 नए औद्योगिक क्षेत्र (जीआईडीसी) की स्थापना की जाएगी।
अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारी
अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अवसर मिला है। इसके लिए, इस बजट में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक परिवहन सेवाओं के साथ ही ओलंपिक रेडी अहमदाबाद के लिए 1200 करोड़ रुपए से अधिक की राशि आवंटित की है। राज्य में फ्यूचर रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए गुजरात हाई-स्पीड कॉरिडोर में 800 करोड़ रुपए के निवेश से नेक्स्ट जनरेशन कनेक्टिविटी का निर्माण होगा।
क्लाइमेट रेजिलिएंट (जलवायु लचीले) और न्यू टेक्नोलॉजी मार्गों के लिए 600 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीप टेक का युग है। गुजरात को एआई और डिजिटल गवर्नेंस की पहलों में आगे रखने के लिए 850 करोड़ रुपए से अधिक राशि आवंटित की है और डेटा फ्यूजन सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की घोषणा की है। राज्य सरकार ने 6 रीजनल इकोनॉमिक मास्टर प्लान के जरिए संतुलित आर्थिक विकास का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए लगभग 7 हजार करोड़ रुपए आवंटित किए हैं और विकसित गुजरात 2047 का रास्ता और भी उज्ज्वल बनाया है।
