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गुजरात में SIR ड्यूटी का बढ़ता बोझ, आत्महत्या और हार्ट अटैक की 2 दर्दनाक घटनाएं; जानें क्या है मामला

गुजरात में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान बीएलओ ड्यूटी में लगे दो शिक्षकों की मौत ने काम के दबाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गिर सोमनाथ में एक शिक्षक ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली, जबकि खेड़ा में एक अन्य शिक्षक की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। दोनों मामलों में परिजनों ने SIR कार्य से जुड़े अत्यधिक तनाव को जिम्मेदार बताया है।

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गुजरात में SIR प्रोसेस के बढ़ते दबाव के बीच BLO की मौत (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

Gujarat BLO Death: गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में एक स्कूल शिक्षक, जो मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) के तौर पर नियुक्त थे, ने शुक्रवार को कथित रूप से आत्महत्या कर ली। परिवार का कहना है कि उन्हें एक 'सुसाइड नोट' मिला है, जिसमें शिक्षक ने “मानसिक दबाव और अत्यधिक कार्यभार” को अपनी मौत की वजह बताया है। अधिकारियों के अनुसार, शिक्षक अरविंद वढेर ने सुबह लगभग साढ़े छह बजे कोडीनार तालुका के देवली गांव में अपने घर पर फांसी लगाई। वे कोडीनार के छारा गांव स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत थे और हाल ही में उन्हें एसआईआर अभियान के लिए बीएलओ की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

क्या लिखा था सुसाइड नोट में?

परिवार के अनुसार, अरविंद वढेर ने अपने कथित 'सुसाइड नोट' में अपनी मौत के लिए SIR ड्यूटी को जिम्मेदार बताया है। नोट में उन्होंने लिखा बताया जाता है, “मेरे लिए अब SIR का काम जारी रखना संभव नहीं रह गया है। पिछले कुछ दिनों से मैं बेहद थकान और मानसिक तनाव महसूस कर रहा हूं। कृपया हमारे बेटे का ध्यान रखें…मेरे पास इस कदम के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा।” गिर सोमनाथ के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी एन. वी. उपाध्याय ने कहा कि पुलिस इस आत्महत्या के मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि वढेर की मौत बेहद अप्रत्याशित है, क्योंकि वे जिले के ‘सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले BLO’ में शामिल थे और SIR अभियान का लगभग 40% कार्य पहले ही पूरा कर चुके थे।

खेड़ा में दिल का दौरा पड़ने से BLO की मौत

घटना के बाद सरकारी प्राथमिक शिक्षकों के संगठन गुजरात राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल गांधीनगर पहुंचा। वहां उन्होंने निर्वाचन अधिकारियों से मुलाकात कर बीएलओ के रूप में काम कर रहे शिक्षकों की दिक्कतों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। इधर, गुरुवार को राज्य के खेड़ा जिले में भी एक स्कूल शिक्षक, जो बीएलओ की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि एसआईआर अभियान से जुड़े “बेहद भारी काम के दबाव” ने उनकी सेहत पर असर डाला। खेड़ा जिले के कपड़वंज तालुका स्थित जांबुड़ी गांव के निवासी 50 वर्षीय बीएलओ रमेशभाई परमार का निधन बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात नींद में ही दिल का दौरा पड़ने से हो गई।

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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