Greater Noida: नोएडा यूनिट की स्पेशल टास्क फोर्स ने ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर इंडस्ट्रियल एरिया में नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ा। स्पेशल टास्क फोर्स ने इस दौरान चार लोगों को गिरफ्तार किया और फैक्ट्री बन रही बड़ी संख्या में देसी और विदेशी ब्रांड की नकली शराब जब्त की। इसमें हैरान करने वाली बात ये है कि नकली शराब की सेल यूपी के आबकारी विभाग की दुकानों के माध्यम से की जा रही थी। इतना ही नहीं अन्य जिलों में दुकानों के सेल्समैन की सहायता से भी नकली शराब की बिक्री की जा रही थी और शराब की तस्करी करने वाले लोगों को भी बोलले मुहैया कराई जा रही थी।
भारी मात्रा में नकली शराब बरामद
एएसपी राजकुमार मिश्रा के अनुसार, एसटीएफ को नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्री की सूचना एक मुखबिर द्वारा मिली। सूचना के अनुसार, तिलपता क्षेत्र के सूरजपुर इंडस्ट्रियल एरिया साइट 3 कॉलोनी के एक मकान में मिलावटी शराब बनाने की फैक्ट्री चल रही है। छापेमारी में यहां से भारी मात्रा में शराब की बोतलें और अन्य सामान बरामद किए गए। यहां से एसटीएफ की टीम ने ट्विन टावर ब्रांड की 46 पेटी, 8 पीएम की 2036 टेट्रा पैक, 8 पेटी मोटा शराब बरामद की। इसके अलावा 16 एटीएम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, अल्कोहल के ड्रम, शराब में मिलाये जाने वाला रंग और दो गाड़ियां भी जब्त की।
रामपुर से लाते थे 100 प्रतिशत अल्कोहल
पुलिस ने नकली शराब बनाने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कमल, निखिल सोनी, अमित यादव और गोविंद चौरसिया के रूप में की है। पुलिस ने बताया कि ये चारों लंबे समय से नकली शराब बनाने का काम कर रहे हैं। एएसपी राजकुमार मिश्रा मामले पर जानकारी दी कि आरोपी रामपुर से 100% अल्कोहल खरीदकर लाते थे। इसके बाद फैक्ट्री में देसी और विदेशी ब्रांड की नकली शराब तैयार की जाती थी।
बुलंदशहर में नकली शराब की फैक्ट्री
मामले की जांच कर रहे एएसपी एसटीएफ ने गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ की। इस दौरान आरोपियों ने बताया कि यह सभी इससे पहले बुलंदशहर में नकली शराब की फैक्ट्री चलाते थे। लेकिन जगह की कमी के कारण आरोपियों ने ग्रेटर नोएडा शिफ्ट होने का फैसला लिया। यहां आरोपियों ने एक फैक्ट्री को किराए पर लिया और नकली शराब बनाने का काम शुरू किया। एएसपी एसटीएफ ने बताया कि तैयार की जा रही नकली शराब यूपी के आबकारी विभाग की दुकानों के माध्यम से और गौतम बुद्ध नगर के साथ-साथ अन्य जिलों की दुकानों के सेल्समैन की मदद से बेची जा रही थी।
