ग्रेटर नोएडा

बढ़ गया Greater Noida West का इंतजार; शाहबेरी में फिलहाल राहत नहीं, निर्धारित 20 दिन में नहीं हुआ काम तो मांगे 20 दिन और

ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है, लेकिन इसे पूरी तरह से समाप्त होने में अभी करीब 20 दिनों का अतिरिक्त समय और लग सकता है। इस दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पहले से किए गए रास्तों में बदलाव जारी रहेंगे।

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शाहबेरी मार्ग के चौड़ीकरण में लगेगा 20 द‍िन का और टाइम

25 मार्च से शुरू हुए शाहबेरी मार्ग के चौड़ीकरण का काम अभी 20 द‍िन का समय और ले सकता है। अब तक इस सड़क का 60 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। आरसीसी सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था के कारण इस कार्य को पूरा होने में समय लग रहा है। ऐसे में इस दौरान यातायात को अगले कुछ द‍िनों के ल‍िए द‍िक्‍कतों का सामना करना पड़ सकता है। शाहबेरी मार्ग के चौड़ीकरण पर तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लगभग डेढ़ क‍िलोमीटर लंबी इस सड़क के बनने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाज‍ियाबाद क्रासिंग रिपब्लिक के बीच की आवाजाही सुगम और सरल हो जाएगी।

20 द‍िनों के ल‍िए रूट का डायवर्जन

शाहबेरी मार्ग के चौड़ीकरण के चलते ट्राफिक पुलिस ने बीते 25 मार्च से अगले 20 द‍िनों के ल‍िए रूट का डासवर्जन क‍िया था। ऐसे में कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ तो रूट डायवर्जन पहले की तरह की प्रभाव रहेगा। यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है और जरूरी सुविधाओं को उपलब्ध कराने का कार्य अभी जारी रहेगा।

इटेड़ा गोलचक्‍कर से शाहबेरी का विकल्‍प

आवाजाही की सुविधा को सुनिश्चित करते हुए, इटेड़ा गोलचक्‍कर से शाहबेरी होकर गाज‍ियाबाद जाने वाले वाहनों के लिए एक विकल्प भी है। इन वाहनों को गौड़ चौक से तिगरी गोलचक्‍कर की ओर जाने वाली 130 मीटर लंबी सड़क का उपयोग करना पड़ेगा, ज‍िससे यातायात में कम परेशानी हो सकती है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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