ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम तेजी से चल रहा है। भविष्य में यह देश ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनेगा। यात्रियों को एयरपोर्ट तक अच्छी कनेक्टिविटी मिले इसके लिए तमाम विकल्प तैयार किए जा रहे हैं। आसपास के शहरों और वहां से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे व राजमार्गों से एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी दी जा रही है। उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी भी इस एयरपोर्ट तक सुनिश्चित की जा रही है। इसके लिए 74 किमी लंबा एक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे के पास बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस कनेक्टिविटी के लिए ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे की मार्किंग का काम भी शुरू हो चुका है।
दो जिलों के 56 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने इस 74.3 किमी लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए अधिसूचित की गई जमीन पर मार्किंग का काम भी शुरू कर दिया है। बता दें कि यह एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर जिले के 56 गांवों की जमीन से होकर गुजरेगा। यह लिंक एक्सप्रेसवे ग्रेटर नोएडा में बन रही फिल्म सिटी के पास यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इस तरह से गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे आपस में कनेक्ट हो जाएंगे। यानी कृष्ण नगरी मथुरा और शिव नगरी काशी भी कनेक्ट हो जाएंगे।
यहां जुड़ेंगे गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के लिए बनने वाला यह लिंक एक्सप्रेसवे 120 मीटर चौड़ा होगा। यह लिंक एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे पर 44.3 किमी यानी बुलंदशहर के सियाना क्षेत्र से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किमी यानी सेक्टर-21 फिल्म सिटी के पास जुड़ेगा।
4 हजार करोड़ की परियोजना
बता दें कि पहले इस लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 83 किमी होने वाली थी। लेकिन एलाईनमेंट में बदलाव के बाद इसे सेक्टर 21 से जोड़ने की योजना बनाई गई, जिससे इसकी लंबाई 8.7 किमी कम हो गई। गौतमबुद्ध नगर जिले के 8 और बुलंदशहर जिले के 48 गांवों की जमीन पर यह लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे की जद में खुर्जा तहसील के 14 गांव आएंगे, जबकि बाकी के 34 गांव बुलंदशहर, सियाना और शिकारपुर तहसील के होंगे। इस लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना पर 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है।
अब यहां नहीं होगी जमीन की खरीद-फरोख्त
जमीन पर मार्किंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। ऐसे में UPEIDA ने अधिसूचित जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन को चिट्ठी लिखी है। UPEIDA ने प्रशासन से बैनामों पर रोक लगाने की मांग की है। यानी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिसूचित जमीन की खरीद-फरोख्त होती है तो अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आसान होंगी राहें
गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ से पूर्वी यूपी में प्रयागराज तक बनाया जा रहा है। इससे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश करीब आएंगे। लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए गंगा व यमुना एक्सप्रेसवे के जुड़ने से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, आगरा, मथुरा, ग्रेटर नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ, प्रयागराज तक की राह आसान हो जाएगी। नोएडा एयरपोर्ट के जुड़ने से गंगा एक्सप्रेसवे की उपयोगिता और भी बढ़ जाएगी। इस लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए यमुना सिटी के इंडस्ट्रियल सेक्टर 28, 29, 32, 33 भी कनेक्ट होंगे। इस लिंक एक्सप्रेसवे को NH 34 से भी जोड़ा जा सकता है।
