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पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के लिंक को मिली केंद्र से मंजूरी, इसी साल शुरू होगा काम; जानें इसके बारे में सबकुछ

Patna Purnia Expressway: पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे बिहार में कनेक्टिविटी बढ़ाने वाला काफी बड़ा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट है। इसकी कुल लंबाई 282 किमी होगी। यह छह लेन वाला एक्सप्रेसवे 2028 के मध्य तक पूरा होगा और पटना से पूर्णिया की दूरी मात्र 3-4 घंटे में तय होगी।

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एक्सप्रेसवे की सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार - x.com/DetoxTravellerr)

Patna Purnia Expressway: देश के हर हिस्से तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सड़कें, हाईवे और एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। बिहार में भी कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए एक के बाद एक रोड इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट पास हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने राज्य में 6 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। जिन सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, उनमें से एक पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का दिघवाड़ा तक एक्सटेंशन भी शामिल है। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को अब दिघवाड़ा तक आगे बढ़ाया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से पटना और पूर्णिया के बीच सफर में लगने वाला समय और दूरी कम होगी। यही नहीं यह एक्सप्रेसवे उत्तर बिहार को राजधानी पटना तक बेहतर कनेक्टिविटी देगा।

पटना और पूर्णिया के बीच 282 किमी लंबा एक्सप्रेसवे बन रहा है। पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के जरिए दोनों शहरों के बीच की दूरी मात्र 3 से 4 घंटे में पूरी हो जाएगी। यह एक्सप्रेसवे बिहार के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ पटना और पूर्णिया के बीच सफर के समय को घटाएगा। बल्कि आसपास के शहरों और गांवों के बीच की दूरी को भी कम करेगा।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे पूरी तरह से ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) बना रहा है। इस एक्सप्रेसवे का राज्य के विकास पर कई तरह से असर पड़ेगा। समय और दूरियां कम करने से साथ ही यह एक्सप्रेसवे राज्य में सामाजिक व आर्थिक विकास का इंजन भी बनेगा। माना जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से राज्ये में टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों की यात्रा भी आसान होगी। यह सब देखते हुए माना जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे का बिहार के रियल एस्टेट मार्केट पर भी पॉजिटिव असर देखने को मिलेगा।

पटना पूर्णिया एक्सप्रेसवे के बारे में जरूरी जानकारी

सूचीविवरण
एक्सप्रेसवे का नामपटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे
लंबाई282 किलोमीटर
लेन की संख्याछह
एक्सप्रेसवे का प्रकारग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
अनुमानित लागत₹18,042.14 करोड़
अनुमानित स्पीड120 किलोमीटर प्रति घंटा
कब तक पूरा होगा काम2028 के मध्य तक

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का रूट क्या होगा?

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे बिहार के दो प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए अहम माध्यम होगा। यह एक्सप्रेसवे राज्य के कई जिलों से होकर गुजरेगा। इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से राज्य के कई हिस्सों को लाभ होगा। यह एक्सप्रेसवे निम्न जिलों से होकर गुजर रहा है -

  • सारण (Saran)
  • वैशाली (Vaishali)
  • मधुबनी (Madhubani)
  • मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur)
  • दरभंगा (Darbanga)
  • समस्तीपुर (Samastipur)
  • सहरसा (Saharsa)
  • मधेपुरा (Madhepura)
  • पूर्णिया (Purnia)

कहां से शुरू होगा पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे?

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे NH-31 से शुरू होगा। इसे हाजीपुर-छपरा रोड भी कहा जाता है। यह एक्सप्रेसवे सारण जिले में दिघवाड़ा से शुरू होगा। यह एक्सप्रेसवे पूर्णिया जिले में माथुर डगरुआ तक जाएगा।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के बन जाने से क्या फायदा होगा?

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के बन जाने से बिहार को काफी फायदा होगा। विशेषतौर पर जिन जिलों और इलाकों से यह एक्सप्रेसवे गुजरेगा, वहां विकास की नई बयार बहेगी। एक्सप्रेसवे के आसपास जमीन की कीमतें बढ़ेंगी। आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। नए इलाके बसेंगे तो इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ावा मिलेगा। यही नहीं बिहार में विदेश और देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों की तरफ से निवेश भी बढ़ेगा।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को गंगा नदी के ऊपर दिघवाड़ा-शेरपुर 6 लेन ब्रिज के जरिए पटना आउटर रिंग रोड के जरिए सीधे पटना तक लिंक किया जाएगा। वैशाली जिले में अमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे इंटरसेक्शन बनने के बाद गया से दरभंगा के लिए जरूरी लिंक रोड मिल जाएगी।

दिल्ली अब दूर नहीं

यही नहीं गंडक नदी पर नया ब्रिज बनाया जाएगा जो एक्सप्रेसवे को दिघवाड़ा और सराय तक आगे बढ़ाएगा। आगे यह एक्सटेंशन पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक आसान कनेक्टिविटी देगा। ऐसा होने पर दिल्ली तक पहुंचना आसान हो जाएगा।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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