ग्रेटर नोएडा

Dog Terror in west Greater Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आवारा कुत्ते फिर बनाने वाले थे मासूम को शिकार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 3, 2023, 08:48 PM IST

Greater Noida News: पश्चिमी ग्रेटर नोएडा में दशहत का माहौल बना हुआ है। बच्चे-बड़े सभी कुत्तों के आतंक से दहशत में हैं। पिछले कुछ महीनों से कुत्तों द्वारा लगातार लोगों पर हमला किया जा रहा है। अब कुत्तों ने एक बिल्डिंग में बच्चों पर हमला किया। गनीमत रही की बच्चा बच गया। कुत्ते उसे काट नहीं सके। इससे पूरी सोसाइटी के लोग फिर खौफजदा हो गए हैं।

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सोसाइटी में बच्चे के पीछे भागते कुत्ते

KEY HIGHLIGHTS
  • सीढ़ियो से उतर रहा था 9 साल का बच्चा, तभी हमला
  • बच्चे के पीछे दौड़ रहे थे तीन कुत्ते
  • कुत्तों ने बच्चे को काटने का किया प्रयास


Dog Attack on Child in west Greater Noida: अब अपने मकान में भी लोग सुरक्षित नहीं हैं। इन्हें काटने के लिए कुत्ते दौड़ रहे हैं। ताजा मामला पश्चिमी ग्रेटर नोएडा का है। यहां की एक सोसाइटी में नौ साल का बच्चा अपने घर की सीढ़ियों से उतर रहा था, तभी उसके पीछे तीन कुत्ते पड़े गए। सीढ़ियों से दौड़ते हुए तीनों कुत्ते नीचे तक आए। कुत्तों ने बच्चे को काटने का प्रयास किया। बच्चा किसी तरह जान बचाकर भागा। इस दौरान वह जमीन पर गिर गया, जिससे उसकी पैंट भी फट गई। बच्चे के पिता तजेंद्र का कहना है कि सोसाइटी के लोग जब डंडा लेकर दौड़े, तब उनके बच्चे की जान बची।

सही समय पर सोसाइटी के लोगों की नजर नहीं पड़ी होती तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। इस घटना के बाद से पूरी सोसाइटी में दहशत का माहौल बना हुआ है। सोसाइटी के सचिव एवं एओए के पूर्व संयुक्त सचिव ललित फुलारा ने बताया कि भी लिफ्ट में फंसने की शिकायत की तो कभी आवारा कुत्तों का आतंक लोगों को परेशान कर रहा है। एओए से कई बार शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों द्वारा पहल नहीं की जा रही है।

अथॉरिटी के नियमों का नहीं हो रहा पालन

सोसाइटी के सचिव ललित ने बताया कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की डॉग पॉलिसी का पालन नहीं किया जा रहा है। बिना लीश एवं मजल के पालतू कुत्ते घूम रहे हैं। सोसाइटी में कहीं से भी आवारा कुत्ते प्रवेश कर जा रहे हैं। सोसाइटी के लोगों का कहना है कि अब यहां दिनोंदिन कुत्तों के काटने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यह कुत्ते हर जगह परेशानी का सबब बन रहे हैं। किसी भी पॉलिसी का कोई स्तर पर पालन नहीं किया जा रहा है, न कराया जा रहा है। इससे बच्चों एवं महिलाओं में सबसे अधिक दहशत बना हुआ है।

सोसाइटी से एओए को कोई मतलब नहीं

सोसाइटी में रह रहे लोगों ने आरोप लगाया है कि एओए को उनकी समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। यह भी कहा कि हम एओए का चुनाव सभी समस्याओं के समाधान के लिए कराते हैं, लेकिन स्थिति दिनोंदिन बद से बदतर ही होती जा रही है। इससे लोगों में एओए के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है। लोगों ने एओए पर गुमराह करने का भी आरोप लगाया है।
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