(सांकेतिक फोटो)
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में दूषित पानी ने जीना मुहाल कर रखा है। इसके सेवन से बड़ी संख्या में लोग बीमार हुए हैं। पानी की जांच में कई प्रकार के बैड बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। लिहाजा वहां की तमाम सोसाइटी में रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई है। लोग एहतियात के तौर पर पानी को उबालकर पी रहे हैं। स्वास्थ्य कैंप लगाए जा रहे हैं ताकि पानी की जांच की जा सके। अब तक करीब 200 लोग बीमार हो चुके हैं। बीमारियों में पेट दर्द, उल्टी, दस्त और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हैं।
प्रभावित सोसाइटियों में अरिहंत गार्डन, इको विलेज 1, हवेलियां वेलेनिसिया, और पंचशील हाईनिस शामिल हैं। जांच में कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया और उच्च टीडीएस की मात्रा पाई गई है। प्राधिकरण ने पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। एक निवासी ने निजी प्रयोगशाला में पानी का सैंपल भेजा, जिसमें कॉलीफॉर्म की मात्रा अधिक पाई गई।
सोसाइटी में रहने वाले लोगों के बीमार पड़ने की खबर मिलते ही प्राधिकरण की टीम ने सोसाइटी का निरीक्षण किया और जांच के लिए पानी का सैंपल भी लिया। साथ ही सोसाइटी ने भी अपने स्तर पर पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। प्राधिकरण की टीम द्वारा भेजे गए पानी की सैंपल की जांच में सब कुछ सामान्य मिला। लेकिन फिर भी इतनी भारी संख्या में बीमार पड़े लोगों को देखते हुए पानी का सैंपल एक बार फिर जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। सोसाइटी के लोगों ने बताया कि करीब एक महीने पहले सोसाइटी में गंदे पानी की आपूर्ति की गई थी। नल से आते गंदे पानी को देख सोसाइटी के लोगों ने इसकी शिकायत अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन से भी की थी। उसके बाद से लगातार लोग यहां बीमार पड़ रहे हैं। सोसाइटी के करीब 40 लोग बीमार हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में स्थित अजनारा होम्स सोसाइटी में रहने वाले एक निवासी ने अपने स्तर पर पानी के सैंपल को जांच के लिए भेजा था। इसकी रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता खराब मिली। रिपोर्ट के अनुसार, पानी में कोली ग्रोन की मात्रा अधिक पाई गई, जिससे लोगों के बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। निवासी ने सोसाइटी की मेंटेनेंस मैनेजमेंट पर पानी की गुणवत्ता को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया।