Greater Noida Air Pollution: इन दिनों देश में पॉल्यूशन का स्तर काफी बढ़ गया है। सोमवार को ग्रेटर नोएडा सबसे प्रदूषित शहरों में से एक रहा। ग्रेटर नोएडा का वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) 274 और गाजियाबाद का 271 दर्ज किया गया। सुबह सात बजे से ही प्रदूषित कण आसमान में दिखने लगे। धूप के कारण दोपहर में प्रदूषित वायु प्रदूषण में मामूली कमी दर्ज की गई, लेकिन तीन बजे के बाद से ये दोबारा बढ़ने लगा। ऐसे में हवा की गति सामान्य थी। जिससे धूलकण ज्यादा दूर तक नहीं फैल पाए। सुबह सात बजे नोएडा के मुकाबले ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई कम था। इस समय नोएडा का एक्यूआई 268 था। वहीं, ग्रेटर नोएडा का 261 था। बाद में ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण और बढ़ा।
दो दिनों से हवा की रफ्तार में कमी
ग्रेटर नोएडा में नोएडा के मुकाबले अधिक वायु प्रदूषण रहता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि दो दिनों से वायु प्रदूषण बढ़ा है। जिसे पर काबू पाने के लिए प्राधिकरण ने काम शुरू कर दिया है। सड़कों की सफाई कराई जा रही है, दो दिनों से हवा की रफ्तार भी काफी कम हुई है।
| ग्रेटर नोएडा | 274 AQI |
| गाजियाबाद | 271 AQI |
| नोएडा | 268 AQI |
| हापुड़ | 265 AQI |
| धारूहेड़ा | 251 AQI |
कहां कितना रहा प्रदूष का स्तर?
इस दौरान एक्यूआई 313 रहा। इस जगह पर पीएम 10 के स्तर के मुकाबले पीएम 2.5 का स्तर ज्यादा रहा। पीएम 2.5 का स्तर 313 दर्ज किया। पीएम 2.5 का ज्यातर स्तर 439 रहा। नोएडा में सबसे वायु प्रदूषित जगह सेक्टर-116 रहा। यहां का एक्यूआई 320 दर्ज किया गया। यहां पीएम 2.5 के मुकाबले पीएम 10 का स्तर अधिक रहा। पीएम 10 का अधिकतम स्तर 498 दर्ज किया गया। इनके अलावा नॉलेज पार्क थ्री, सेक्टर-1 और सेक्टर-62 में पीएम 2.5 का स्तर पीएम 10 से ज्यादा दर्ज किया गया।
आज से कई पाबंदियां लागू होगी
- ठोस समेत दूसरे कचरे को उठाना।
- कचरा में डंपिंग ग्राउंड में फेंका जाए।
- रोजाना पानी का छिड़काव और सड़कों की साफ-सफाई।
- निर्माण सामग्री ढकनी होगी, ढुलाई के दौरान जगहों को भी ढकना होगा।
- निर्माण कार्य चल रहे स्थल पर एंट्री स्मॉग लगानी होगी।
- सड़क निर्माण की स्थिति में पानी का छिड़काव जरूरी।
- खुले में आग लगने और कचरा जलाने पर पाबंदी रहेगी।
- मानकों से अधिक वायु प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और अवैध फैक्टरियां पर कार्रवाई होगी।
नोएडा और ग्रेनो में वायु प्रदूषण का कारण
दरअसल, नोएडा में वायु प्रदूषण के अहम वजह है वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्य, धूल आदि को माना गया है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में निर्माण कार्य, कच्ची सड़कों से उड़ने वाली धूल, जाम, निर्माण tकार्य आदि है।
