ग्रेटर नोएडा

Famous Temples in Greater Noida: 450 साल पुराना है ग्रेटर नोएडा का दादी सती मंदिर, अनोखा है इतिहास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 29, 2022, 07:32 PM IST

Famous Temple in Noida: ग्रेटर नोएडा के बिसरख ब्लॉक के दुजाना गांव में स्थित है प्रसिद्ध दादी सती मंदिर। मंदिर से जुड़ी कहानी यहां के स्थानीय लोग बताया करते हैं। इस मंदिर परिसर में होली के अगले दिन बहुत बड़े मेले का आयोजन किया जाता है। इस मंदिर में मत्था टेकने देश के कई जाने-माने नेता भी आ चुके हैं।

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ग्रेटर नोएडा के दुजाना का दादी सती मंदिर न्यू ईयर पर दर्शन के लिए है बेस्ट

KEY HIGHLIGHTS
  • ग्रेटर नोएडा के दुजाना गांव में स्थित है प्रसिद्ध दादी सती मंदिर
  • सामजिक और राजनैतिक क्षेत्र में रखता है खास महत्व
  • पूरे क्षेत्र के लोग शुभ कार्य के होने पर लगाते हैं मंदिर में हाजिरी

Famous Temples to Visit in Noida: ग्रेटर नोएडा के दुजाना गांव की पहचान दादी सती मंदिर से है। इस मंदिर में दर्शन पूजन करने के लिए लोग हरियाणा-राजस्थान से भी आते हैं। बताया जाता है कि यह मंदिर लगभग 450 साल पुराना है। यहां पर एक महिला सती हुईं थीं। दुजाना गांव का सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां पर 10 नवंबर 1963 को पंडित जवाहरलाल नेहरू मत्था टेकने आए थे। 1980 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी यहां पूजा अर्चना की थी। चौधरी चरण सिंह और राजेश पायलट सरीखे नेता भी यहां पर आ चुके हैं।

बता दें कि होली के अगले दिन यहां विशाल मेले का आयोजन होता है। यूपी के अलावा हरियाणा और राजस्थान के लोग मेले में शिरकत करते हैं। पूरे क्षेत्र में शादी-ब्याह या कोई भी शुभ कार्य संपन्न करने से पहले और बाद में यहां पर लोग प्रसाद चढ़ाने, भंडारा करने और ज्योति जलाने आते रहते हैं। नए साल पर इस मंदिर में दर्शन पूजन का प्लान बनाया जा सकता है।

ये हैं मंदिर से जुड़ी कहानी

दुजाना गांव के ग्रामीणों के अनुसार, करीब 450 साल पहले दुजाना गांव के लोग भारी संख्या में एक युद्ध में गए थे। इनमें एक भगीरथ सिंह भी थे। भगीरथ सिंह लड़ाई में वीरगति को प्राप्त हो गए। जब इसकी खबर उनकी पत्नी रामकौर को हुई तो वे विचलित हो गईं थीं। उन्होंने सती होने का फैसला लिया था। उस समय यहां बहुत बड़ा जंगल हुआ करता था। रामकौर पति की मौत की खबर पाकर जंगल में सती होने के लिए पहुंच गई थीं। यहां पर उन्होंने अग्नि समाधि ले ली। इस दौरान रामकौर ने यह भी वरदान दिया था कि जो भी सच्चे मन से उनकी चिता की भूमि पर आकर कुछ मांगेगा तो उसकी मनोकामना पूरी हो जाएगी। मान्यता है कि उसके बाद यहां जो सच्चे मन से कुछ भी मांगता है, उसकी मुराद पूरी हो जाती है। बाद में यहां मंदिर बनवा दिया गया था। यह मंदिर आज दादी सती के मंदिर के नाम से पूरे क्षेत्र में जाना जाता है।

ऐसे पहुंच सकते हैं मंदिर

यह मंदिर ग्रेटर नोएडा के दुजाना गांव में है। दुजाना गांव बिसरख ब्लॉक में पड़ता है। बता दें कि यह मंदिर सीधे जिला मुख्यालय से जुड़ा हुआ है। सड़क के रास्ते यहां की दूरी जिला मुख्यालय से 32 किमी है।

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