ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक इको विलेज-2 सोसाइटी में सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए हैं, इनमें बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। यहां पिछले दो-तीन दिनों से लोग लगातार तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत के साथ डॉक्टर के पास जा रहे हैं। लेकिन सोमवार 2 सितंबर को अचानक दर्जनों बच्चों में जब यह लक्षण दिखने लगे तो सोसाइटी में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते डॉक्टरों के पास मरीजों का तांता लग गया। सोसाइटी के लोगों को शक है कि पानी में ही कोई समस्या है, जिसकी वजह से लोग अचानक इस तरह से बीमार पड़ रहे हैं।
सोमवार को अचानक एक के बाद एक कई बच्चों में इस तरह के लक्षण नजर आए। देखते ही देखते सोसाइटी और आसपास के इलाकों में मौजूद डॉक्टरों के यहां बीमार बच्चों और बड़ों को लेकर आने वालों की संख्या बढ़ गई। सोसाइटी के मार्ट में मौजूद एक डॉक्टर को सोमवार-मंगलवार की रात 1.30 बजे तक मरीजों का इलाज करते रहे। देर रात गौतमबुध नगर जिले की मेडिकल टीम भी सोसाइटी में आई और यहां पैरासिटामोल व ओंडेम देकर गई। आज यानी मंगलवार 3 सितंबर को सोसाइटी के क्लब में कैंप लगाया गया है। सोसाइटी में जो लोग भी बीमार हैं, वह यहां मेडिकल टीम को दिखा सकते हैं।

मेडिकल टीम रात को देकर गई दवा
डॉक्टर का क्या है कहना
सोसाइटी के मार्ट में मौजूद डॉ. जैतव्य कुशवाह से हमने बात करने की कोशिश की। लेकिन उनके पास मरीजों की इतनी भीड़ है कि उनके पास बात करनी की भी फुर्सत नहीं है। उनके स्टाफ ने बताया कि कल यानी सोमवार को उन्होंने देर रात 1.30 बजे तक मरीज देखे हैं। इस दौरान उनके पास करीब 30 नए पेशेंट आए, जबकि 15-20 फॉलोअप के लिए आए थे।इस बारे में हमने नोएडा में नियो हॉस्पिटल के पिडियाट्रिशन एमडी डॉ. सागरदीप सिंह बावा से भी बात की। उन्होंने बताया कि दूषित पानी की वजह से गैस्ट्रो से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होती हैं। दस्त की शिकायत होती है और टायफॉइड हो सकता है। हालांकि, उन्होंने सोसाइटी में सप्लाई हो रहने पानी में किसी तरह की समस्या पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि साल के इस समय फ्लू और वायरल के मामले बढ़ जाते हैं, संभवत: ईको विलेज-2 सोसाइटी में भी ऐसा ही हो।
