ग्रेटर नोएडा

आखिर क्यों सुपरटेक ईको विलेज-2 में एक साथ सैकड़ों बच्चे बीमार पड़ गए? जानें डॉक्टर की राय; सोसाइटी के क्लब में पहुंची मेडिकल टीम

नोएडा एक्सटेंशन की सुपरटेक इकोविलेज 2 सोसाइटी में सैकड़ों बच्चे और बड़े अचानक बीमार पड़ गए हैं। तेज बुखार, उल्टी, दस्त और पेट में दर्द की शिकायत के साथ लोग डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। लोगों को यहां सप्लाई हो रहे पानी पर शक है। चलिए जानते हैं इस बारे में डॉक्टर का क्या कहना है -

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ग्रेटर नोएडा की सोसाइटी में अचानक बीमार पड़े सैकड़ों लोग

Photo : Twitter

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सुपरटेक इको विलेज-2 सोसाइटी में सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए हैं, इनमें बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है। यहां पिछले दो-तीन दिनों से लोग लगातार तेज बुखार, पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत के साथ डॉक्टर के पास जा रहे हैं। लेकिन सोमवार 2 सितंबर को अचानक दर्जनों बच्चों में जब यह लक्षण दिखने लगे तो सोसाइटी में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते डॉक्टरों के पास मरीजों का तांता लग गया। सोसाइटी के लोगों को शक है कि पानी में ही कोई समस्या है, जिसकी वजह से लोग अचानक इस तरह से बीमार पड़ रहे हैं।

सोमवार को अचानक एक के बाद एक कई बच्चों में इस तरह के लक्षण नजर आए। देखते ही देखते सोसाइटी और आसपास के इलाकों में मौजूद डॉक्टरों के यहां बीमार बच्चों और बड़ों को लेकर आने वालों की संख्या बढ़ गई। सोसाइटी के मार्ट में मौजूद एक डॉक्टर को सोमवार-मंगलवार की रात 1.30 बजे तक मरीजों का इलाज करते रहे। देर रात गौतमबुध नगर जिले की मेडिकल टीम भी सोसाइटी में आई और यहां पैरासिटामोल व ओंडेम देकर गई। आज यानी मंगलवार 3 सितंबर को सोसाइटी के क्लब में कैंप लगाया गया है। सोसाइटी में जो लोग भी बीमार हैं, वह यहां मेडिकल टीम को दिखा सकते हैं।

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मेडिकल टीम रात को देकर गई दवा

डॉक्टर का क्या है कहना

सोसाइटी के मार्ट में मौजूद डॉ. जैतव्य कुशवाह से हमने बात करने की कोशिश की। लेकिन उनके पास मरीजों की इतनी भीड़ है कि उनके पास बात करनी की भी फुर्सत नहीं है। उनके स्टाफ ने बताया कि कल यानी सोमवार को उन्होंने देर रात 1.30 बजे तक मरीज देखे हैं। इस दौरान उनके पास करीब 30 नए पेशेंट आए, जबकि 15-20 फॉलोअप के लिए आए थे।

इस बारे में हमने नोएडा में नियो हॉस्पिटल के पिडियाट्रिशन एमडी डॉ. सागरदीप सिंह बावा से भी बात की। उन्होंने बताया कि दूषित पानी की वजह से गैस्ट्रो से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होती हैं। दस्त की शिकायत होती है और टायफॉइड हो सकता है। हालांकि, उन्होंने सोसाइटी में सप्लाई हो रहने पानी में किसी तरह की समस्या पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि साल के इस समय फ्लू और वायरल के मामले बढ़ जाते हैं, संभवत: ईको विलेज-2 सोसाइटी में भी ऐसा ही हो।

माता-पिता क्या करें

पिडियाट्रिशन डॉ. सागरदीप सिंह बावा का कहना है कि बुखार वाले मरीज को उनके वजन के हिसाब से तीन दिन तक पैरासिटामोल की डोज दें और उल्टी-दस्त की समस्या से जूझ रहे मरीजों को ज्यादा से ज्यादा फ्लूइड यानी पानी और अन्य तरल दें।

ऑन्डेंम खत्म

Timesnowhindi.com के पास सोसाइटी के कम से कम 78 फ्लैट्स की लिस्ट है, जिनमें लोग बीमार हैं। ज्यादातर घरों में 2-3 लोग तेज बुखार, उल्टी, दस्त और पेट दर्द की समस्या से जूझ रहे हैं। डॉक्टर ने ज्यादातर लोगों से फूड पॉइजनिंग की आशंका जतायी है। ऐसे में सोसाइटी के लोगों को शक है कि यहां सप्लाई हो रहे पानी में ही कोई दिक्कत है। यहां इतनी बड़ी संख्या में बच्चे बीमार हैं कि सोसाइटी और आसपास के मेडिकल स्टोरों पर उल्टी-दस्त में काम आने वाली दवा ऑन्डेम की कमी पड़ गई है। लोगों को यह दवा मिल ही नहीं रही है।

बाहर से मंगवा रहे पानी

सोसाइटी के लोगों को लगता है कि पानी में दिक्कत है। यही कारण है कि सोसाइटी के लोग बाहर से बोतलबंद पानी मंगवा रहे हैं। इसके चलते आसपास की दुकानों और ऑनलाइन स्टोर पर पानी की बोतलें भी नहीं मिल पा रही हैं।

फैसिलिटी का एक्शन

बच्चों के बीमार होने पर इधर लोगों को दूषित पानी का शक है। ऐसे में सोसाइटी में फैसिलिटी मैनेजर भी एक्शन में हैं। उनका बताया कि सभी टावरों के ओवरहेड टैंक और यूजीआर चैक किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आज पानी के सैंपल टेस्ट किए जाएंगे। यही नहीं पांच टावरों के टैंक खाली कर दिए गए हैं और अन्य टावरों के टैंकों को भी खाली करने के बाद साफ करके फिर भरा जाएगा।
Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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