ग्रेटर नोएडा में 8 साल की बच्ची के साथ डिजिटल रेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रेटर नोएडा के दनकौर इलाके में एक ऑटो ड्राइवर ने बच्ची को डिजिटेल रेप का शिकार बनाया। बच्ची को माता-पिता ने मासूम को इस घटना के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया है।
मूल रूप से अलीगढ़ निवासी महिला ने पुलिस को शिकायत दी है कि वो और उनके पति ग्रेटर नोएडा की एक कंपनी में जॉब करते हैं। रविवार शाम वे जब घर पहुंचे तो उन्हें अपनी आठ वर्षीय बेटी रोती हुई मिली। बेटी ने बताया कि दनकौर रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले ऑटो ड्राइवर दीपक ने उसके साथ गलत काम किया है।
घटना की जानकारी होने पर पीड़ित परिवार अपनी बच्ची को लेकर दनकौर कोतवाली पहुंचा, जहां आरोपी ऑटो ड्राइवर दीपक के खिलाफ केस दर्ज किया गया। बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दनकौर कोतवाली के प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश जारी है।
क्या होता है डिजिटल रेप
बिना अनुमति के किसी बच्ची या महिला के साथ हाथ या पैर की उंगलियों से यौन शोषण किए जाने को डिजिटल रेप कहा जाता है। साल 2012 तक ये हरकत छेड़ाछाड़ के दायरे में आती थी, लेकिन निर्भया केस के बाद इसे यौन उत्पीड़न का अपराध मानते हुए पॉक्सो एक्ट में शामिल किया गया।
कितनी होती है सजा
साल 2019 में जो मामला सामने आया था, उसमें दौषी को गौतम बुद्ध नगर की जिला कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही 50000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था। ज्यादातर मामलों में पीड़िता नाबालिग होती हैं, जिसकी वजह से ये पॉक्सो एक्ट में आता है। इसके मुताबिक ऐसे मामलों में 20 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा होती है।
