ग्रेटर नोएडा

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा, माता की अखंड ज्योति लेकर आ रहे युवक की मौत

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Mar 22, 2023, 08:47 PM IST

युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया है। उधर, पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है।

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सड़क हादसे में श्रद्धालु की मौत

Photo : iStock

Greater Noida: दिल्ली स्थिति कालका जी मंदिर से माता की ज्योति लेकर लौट रहे श्रद्धालु की मंगलवार को मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर हुआ। बस की टक्कर से युवक की मौत हो गई। पुलिस ने बताया है कि मृतक औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव पोथ का रहने वाला था।

तीन पहले अखंड ज्योति लेने गया था लोकेश

परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, गांव पोथ निवासी लोकेश कुमार तीन दिन पहले अखंड ज्योति लाने के लिए दिल्ली रवाना हुआ था। वह मंगलवार को अपने घर वापस लौटने वाला था। हालांकि, वापस लौटते समय नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर नोलिज पार्क के पास हादसा हो गया, जिसमें लोकेश की मौत हो गई।

वाहन को बचाने के चक्कर में लोकेश को मारी टक्कर

पुलिस ने बताया, एक्सप्रेसवे पर आ रही एक बस ने अज्ञात वाहन को बचाने के चक्कर में लोकेश को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जैसे ही पुलिस को सूचना मिली, मौके पर पहुंचकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घर पर मचा कोहराम

लोकेश की मौत की सूचना जैसे ही पुलिस ने उसके घर वालों को दी। परिजनों में कोहराम मच गया। उधर, पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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