ग्रेटर नोएडा में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जल्द ही उड़ाने शुरू होने वाली हैं। इस एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू होने का सभी को बड़ी बेसब्री से इंतजार है। एयरपोर्ट पर हवाई जहाजों के टेकऑफ और लैंडिंग का ट्रायल भी हो चुका है। एक बार जब इस एयरपोर्ट का काम पूरा हो जाएगा तो यह देश ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। एयरपोर्ट का काम तेजी से चल रहा है। एयरपोर्ट के लिए सबसे जरूरी है हवाई जहाजों के लिए ईंधन की सुविधा। हवाई जहाजों के लिए एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की जरूरत होती है। एयरपोर्ट तक ATF पहुंचाने वाली पाइपलाइन लगभग तैयार है।
ग्रेटर नोएडा के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए ATF हरियाणा में फरीदाबाद से सप्लाई होगा। इसके लिए फरीदाबाद से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक एक अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछायी जा रही है, जिसका 95 फीसद काम पूरा हो चुका है।
एयरपोर्ट के अंदर बचा पाइपलाइन का काम
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत पेट्रोलियम ने इसके लिए 34 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम किया है। फरीदाबाद में पयाला डिपो से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक ATF डायरेक्ट पाइपलाइन के जरिए पहुंचाया जाएगा। हरियाणा से जेवर यमुना एक्सप्रेसवे तक इस पाइपलाइन को बिछाने का काम पूरा हो चुका है। यही नहीं एयरपोर्ट के बाहर जेवर कैनाल के नीचे से जेवर एयरपोर्ट के अंदर बने ऑयल डिपो तक 1.2 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है।
पाइपलाइन बिछाने का काम कब होगा पूरा?
हाल ही में मुख्य सचिव ने एयरपोर्ट के काम का जायजा लिया और 30 जून तक काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही पाइपलाइन को कनेक्ट करके एयरपोर्ट तक ATF की सप्लाई भी शुरू हो जाएगी।
बता दें कि 20 फरवरी 2024 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और भारत पेट्रोलियम के बीच एयरपोर्ट तक ATF पहुंचाने को लेकर एक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए थे। पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखकर इस बात पर सहमति बनी कि टैंकरों के जरिए ATF पहुंचाने से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए एक डायरेक्ट पाइपलाइन बिछायी जाएगी।
यमुना के नीचे से गुजारी गई पाइपलाइन
भारत पेट्रोलियम ने पयाला डिपो से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक ATF पहुंचाने के लिए 34 किमी लंबी और 14 इंच की पाइपलाइन बिछायी है। भारत पेट्रोलियम ने यमुना एक्सप्रेसवे तक इस अंडरग्राउंड पाइपलाइन को बिछाने का काम भी पूरा कर लिया है।
इस पाइपलाइन को यमुना नदी के नीचे से गुजारा गया है, ताकि पाइपलाइन कहीं भी नजर न आए। कंपनी जल्द ही जेवर कैनाल के नीचे से इसे एयरपोर्ट के अंदर तक पहुंचाने का काम भी पूरा कर लेगी। एयरपोर्ट के अंदर भी 1.2 किमी लंबी पाइपलाइन को बिछाने का काम लगभग पूरा हो गया है, जो ATF को एयरपोर्ट की बाउंड्री से स्टोरेज टैंक तक लेकर जाएंगे। हरियाणा के पयाला डिपो से आने वाला ATF नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अंदर बने पांच ऑयल स्टोरेज टैंक में सुरक्षित तरीके से स्टोर होगा। शुरुआत में स स्टोरेज की क्षमता 50 हजार किलोलीटर होगी। इस इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अगर हरियाणा से 5 दिन तक सप्लाई नहीं आएगी, तब भी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमानों को ATF मिलता रहेगा।
