ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा में स्लीपर बस में आग लगने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दो ड्राइवरों और कंडक्टर को गुरुवार को सूरजपुर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने बस में आग लगने की घटना के सिलसिले में दोनों ड्राइवरों और कंडक्टर को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि घटना से पहले दोनों ड्राइवर बस के अंदर कथित तौर पर धूम्रपान कर रहे थे। हालांकि, कोर्ट ले जाते समय आरोपियों ने इस आरोप से इनकार किया। ड्राइवरों ने कहा, “नहीं, यह गलत है। हम बिल्कुल भी धूम्रपान नहीं करते।”
यह मामला ग्रेटर नोएडा में स्लीपर बस में आग लगने की घटना से जुड़ा है। हादसे में नौ लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। जांच के दौरान हादसे के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
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मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की मदद
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड में जान गंवाने वाले नौ लोगों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। वहीं, हादसे में घायल प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
प्रधानमंत्री ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि ग्रेटर नोएडा में बस में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाने की खबर से वह बेहद दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
