शहर

Gorakhpur: रील की सनक ने ली चार जिंदगियां, गोरखपुर की राप्ती नदी से मिले चारों लापता दोस्तों के शव, इलाके में पसरा मातम

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रील और स्टंट के शौक ने चार हंसते-खेलते परिवारों की खुशियां उजाड़ दी हैं। राप्ती नदी में डूबे चार किशोरों के शव मिलने के बाद पूरे इलाके में मातम छाया हुआ है। सोशल मीडिया पर रोमांच दिखाने की चाहत इन मासूमों के लिए काल बन गई।

Image

शवों के पास बिलखते परिजन

Photo : Times Now Digital

Gorakhpur News: गोरखपुर के खोराबार क्षेत्र में बुधवार को रील बनाने के चक्कर में लापता हुए चार किशोरों की तलाश शुक्रवार सुबह एक बेहद दर्दनाक मोड़ पर खत्म हुई। SDRF और NDRF की टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद चारों दोस्तों के शव नदी से बाहर निकाल लिए हैं। इस हादसे ने न केवल परिजनों को उम्र भर का गम दिया है, बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

रील और स्टंट के चक्कर में हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे नौ दोस्त साइकिलों से स्टंट करते हुए मिर्जापुर घाट स्थित पीपा पुल पर पहुंचे थे। रील बनाने और नहाने के जोश में पांच किशोर नदी में उतर गए। इसी दौरान स्टंट और वीडियो बनाने के चक्कर में चार दोस्त गहरे पानी की चपेट में आ गए। इनमें से एक किशोर, राजकरन, किसी तरह तैरकर बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन उसके चार साथी, जिनकी पहचान अमन (15), विवेक (15), गगन (15) और अनिकेत (13) के तौर पर हुई है, लहरों के बीच समा गए।

तीन दिनों तक चला सर्च ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही खोराबार और कैंट थाना पुलिस के साथ एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बुधवार रात और गुरुवार दिनभर चले तलाशी अभियान के बाद गुरुवार शाम विवेक निषाद का शव बरामद हुआ। शुक्रवार सुबह नदी में तीन और शव उतराते मिले, जिनकी पहचान अमन, गगन और अनिकेत के रूप में हुई। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

जैसे ही शुक्रवार सुबह बाकी तीन शवों के मिलने की खबर गांव पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। रानीडीहा, मालवीय नगर और जंगल सिकरी इलाकों में हर तरफ मातम पसरा है। बदहवास माताएं बार-बार अपने बच्चों का नाम पुकार कर बेहोश हो रही हैं। एक साथ चार किशोरों की अर्थी उठने की खबर से हर आंख नम है और ग्रामीणों की भारी भीड़ पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंच रही है।

सोशल मीडिया का जानलेवा जुनून

यह हादसा एक बार फिर आगाह करता है कि रील और वीडियो बनाने का बढ़ता क्रेज किस कदर जानलेवा साबित हो रहा है। मोबाइल के कैमरों में कैद होने की होड़ और खतरनाक जगहों पर स्टंट करने की सनक ने इन बच्चों से उनकी जिंदगी छीन ली। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे जल निकायों के पास सावधानी बरतें और बच्चों को ऐसे जोखिम भरे कामों से दूर रखें।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article