Gorakhpur News: गोरखपुर में दहेज प्रताड़ना और पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक मामला सामने आया है। सोमवार को रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता ने अपने ससुरालवालों पर प्रताड़ना और घर में प्रवेश न देने का आरोप लगाया है। अधिवक्ता सपना गुप्ता के अनुसार वह कई घंटों तक घर के बाहर खड़ी रही। लेकिन किसी ने दरवाजा खोलकर उसे अंदर नहीं आने दिया। महिला अब पुलिस और प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रही है। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
शादी में 11 लाख का दहेज दिया
जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थनगर निवासी सपना गुप्ता की शादी 2007 में पाखी अस्पताल के संचालक मनीष गुप्ता के बेटे से हुई थी। सपना का आरोप है कि शादी के समय उनके परिवार से 11 लाख रुपये दहेज के रूप में लिए गए थे। इसके बावजूद शादी के बाद उन्हें लगातार मानसिक और पारिवारिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। समय बीतने के साथ विवाद इतना बढ़ गया कि उन्हें ससुराल से निकाल दिया गया।
2015 में अदालत में दिया ससुराल में रहने का अधिकार
महिला का कहना है कि लंबे कानूनी संघर्ष के बाद साल 2015 में अदालत ने उन्हें ससुराल में रहने का अधिकार दिया था। इसके बाद वह उसी मकान में रह रही थीं। सपना के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले वह अपने मायके गई थीं, जहां से वह सोमवार को वापस लौटी। लेकिन ससुराल पहुंचने पर घर का दरवाजा बंद कर लिया और उन्हें अंदर नहीं आने दिया।
सपना गुप्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन परिवार के लोगों ने उन्हें अनदेखा कर दिया। वह घंटों तक घर के बाहर ही खड़ी रहीं और न्याय की गुहार लगाती रहीं। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी रही।
यह खबर लिखे जाने तक ससुराल पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
