Meerut News: मेरठ के किठौर क्षेत्र के बोंद्रा गांव में रहने वाले एक 35 वर्षीय मजदूर, आसिफ अली के घर आयकर विभाग का नोटिस आ गया। वो भी पूरे 67.90 लाख का। जब उसकी शिकायत पर जांच हुई तो पता चला कि उनके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल करके दिल्ली के हैदरपुर में 2018 में 'ऋद्धि सिद्धि इंटरप्राइजेज' नामक कंपनी बनाई गई। इस कंपनी के नाम पर करोड़ों का कारोबार दिखाया गया।
आयकर विभाग ने भेजा भारी-भरकम नोटिस
आसिफ अली को आयकर विभाग ने मार्च 2023 में 67.90 लाख रुपये की वसूली का नोटिस भेजा। इसके बाद 2024 और 2025 में भी फिर नोटिस मिले। खुद को मजदूर बताते हुए जब आसिफ आयकर विभाग पहुंचा, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। इसके बावजूद न जांच हुई और न ही नोटिस वापस लिया गया।
SSP के हस्तक्षेप से दर्ज हुआ मुकदमा
थक-हारकर 26 अप्रैल 2025 को आसिफ ने मेरठ के SSP डॉ. विपिन ताडा को शिकायत दी। SSP के आदेश पर साइबर क्राइम थाना को जांच सौंपी गई और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कंपनी के नाम पर करोड़ों का लेनदेन हुआ है। आशंका है कि इसका इस्तेमाल काले धन को वैध दिखाने या अन्य अवैध गतिविधियों में किया गया। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि यह कंपनी किन-किन बैंक खातों से जुड़ी है और किन कंपनियों के साथ इसका लेनदेन हुआ है।
साइबर क्राइम टीम कर रही पड़ताल
अब साइबर टीम कंपनी की पृष्ठभूमि, लेनदेन, बैंक खाता विवरण और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह किसी संगठित गिरोह का काम हो सकता है, जो गरीब और अनजान लोगों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहा है।
