गाजियाबाद

सावधान! यहां से पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया तो आप विदेश नहीं जायेंगे, बैंक खाली जरूर हो जायेगा

अगर आप भी जल्दी से जल्दी पासपोर्ट बनाने के चक्कर में हैं, तो जरा संभल जाएं। असली और नकली पासपोर्ट की साइट की पहचान कर ही आवेदन करें। असली साइट पर जाकर ही पासपोर्ट अप्लाई करें। नहींं तो आप भी फर्जीवाड़े का शिकार हो जाएंगे और जल्दी के चक्कर में आपका बैंक अकाउंट खाली हो जाएगा। देखें फर्जी साइट्स की जारी लिस्ट-

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फर्जी पासपोर्ट वेबसाइट से रहें सावधान

Ghaziabad: अगर आप भी जल्दी पासपोर्ट बनाने के चक्कर में हैं, तो सावधान हो जाएं। पासपोर्ट जल्दी बनवाने के कारण आवेदक फर्जी बेवसाइट का शिकार हो रहे हैं। फर्जी बेवसाइट पर जल्द अपॉइंटमेंट तो मिला रहा और पेयमेंट की रसीद भी जारी हो रही है। लेकिन, आपका फार्म जमा नहीं हो सकेगा। हर महीने बड़ी संख्या में आवेदक इन फर्जी बेवसाइट के शिकार हो रहे हैं। इस फर्जीवाड़े से बचाने के लिए विदेश मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक साइट पर सभी फर्जी बेवसाइट की लिस्ट भी कर दी है।

जल्दी पासपोर्ट के चक्कर में फर्जीवाड़ा

लोग जल्दी पासपोर्ट बनाने के चक्कर में रहते हैं। और जल्द पासपोर्ट बनवाने की आड़ में ठगी करने वाली गिरोह भी सक्रिय हैं, जो इनका फायदा उठाते हैं। ठगी करने वाले इन गिरोह ने पासपोर्ट से मिलती-जुलती कई वेबसाइट बना रखी हैं। आवेदकों को को इसकी जानकारी नहीं होती, जिसके अभाव में लोग इनमें से किसी भी वेबसाइट पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं।

जल्दी अपॉइंटमेंट दिखाकर वसूलते हैं रुपये

जहां ठग आवेदकों से उनकी पूरी डिटेल ले लेते हैं और फर्जी तरीके से जल्द अपॉइंटमेंट दिखाकर लोगों से फीस ले लेते हैं। जब आवदेक इस अपॉइंटमेंट के शेड्युल से अपना फार्म जमा करने पहुंचते हैं, तब उन्हे ठगी का एहसास होता है। तो वहीं कई लोग वेबसाइट पर डिटेल लेकर पासपोर्ट की असली वेबसाइट पर जाकर आवेदन तो कर देते हैं, लेकिन, इसके लिए पैसा ज्यादा वसूलते हैं।

गाजियाबाद में बनाए जाते हैं 13 जिलों के पासपोर्ट

गाजियाबाद क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से 13 जिलों के लोगों के पासपोर्ट बनाए जाते हैं। रोजाना 2 हजार आवेदकों को फार्म जमा करने का मौका दिया जाता है और इस तरह हर महीने सैकड़ों की संख्या में आवेदक इन फर्जी वेबसाइट के झांसे में आ जाते हैं। इसी को लेकर विभाग की असली वेबसाइट पर फर्जी वेबसाइट की सूची जारी की गई है।

फर्जी वेबसाइट पर ठगी को अंजाम

आमतौर पर पासपोर्ट आवेदन की फीस 1,500 रुपये है। वहीं तत्काल के लिए 3,500 रुपये हैं। लेकिन, तत्काल के लिए 2 हजार रुपये फार्म जमा करते समय ही लिए जाते हैं। फर्जी वेबसाइटों पर तत्काल आवेदन कराकर 3,500 रुपये ते लिए जाते हैं। जब आवेदक फार्म जमा करने पहुंचते हैं तो पता चलता है कि जिस वेबसाइट से उसने अपॉइंटमेंट लिया था उसने केवल 1,500 रुपये की विभाग को मेन साइट पर जाम किए। दो हजार रुपये उनसे ज्यादा लिए गए हैं। उसके बाद आवेदक को मौके पर फिर से 2 हजार रुपये जमा करने पड़ते हैं।

ये है पासपोर्ट की अधिकृत वेबसाइट

इसे लेकर क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी अनुज स्वरूप का कहना है कि www.passportindia.gov.in है। इसके अलावा कोई भी अधिकृत वेबसाइट नहीं है। आवेदक आवेदन करते समय इसी वेबसाइट पर जाए।

रि-शेड्यूल में आती है दिक्कत

एक बार दिए गए अपॉइंटमेंट पर अगर आवेदक नहीं जा पाता है तो उसे रि-शेड्यूल कराने में परेशानी होती है। फर्जी वेबसाइट पर यह सेवा नहीं मिल पाती। क्योंकि, आवेदक को पता नहीं चलता और फर्जी वेबसाइट वाले अपनी आईडी के जरिए साथ-साथ आवेदन करते हैं। कई बार री-शेड्यूल के नाम पर भी रुपये वसूलते हैं।

देखें फर्जी वेबसाइट्स की लिस्ट

www.passportindiap ortal.in

www.passport-india.in

www.passport-seva.in

www.applypassport.org

www.passportindia. gov.in

Maahi Yashodhar
Maahi Yashodharauthor

माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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