गाजियाबाद

कार्तिक पूर्णिमा को लेकर तैयारी, हापुड़ से गढ़मुक्तेश्वर की ओर नहीं जा सकेंगे भारी वाहन; ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

Traffic Diversion: कार्तिक पूर्णिमा मेले को लेकर हापुड़ से होकोर गढ़मुक्तेश्वर जाने वाली सभी वाहनों का आना-जाना 12 नवंबर तक प्रतिबंधित रहेगा। इस प्लान के अनुसार 17 नवंबर तक भारी गाड़ियों के चालकों को इस तरह की परेशानी झेलनी पड़ सकती है। जानें किन रास्तों से जा सकेंगे भारी वाहन-

Image

हापुड़ से गढ़मुक्तेश्वर की ओर नहीं जा सकेंगे भारी वाहन (फाइन फोटो)

Photo : PTI

Traffic Diversion: गाजियाबाद में हापुड़ से होकोर गढ़मुक्तेश्वर जाने वाले सभी वाहनों का आना-जाना 12 नवंबर तक प्रतिबंधित रहेगा। दरअसल, कार्तिक पूर्णिमा मेले को लेकर यह बदलाव किया गया है, जिस वजह से 12 नवबंर की रात 10 बसे से भारी वाहन इन रास्तों से नहीं जा सकेंगे। इस प्लान के अनुसार 17 नवंबर तक भारी गाड़ियों के चालकों को इस तरह की परेशानी झेलनी पड़ सकती है। मेले को मद्देनजर रखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने यह प्लान जारी किया है, जिसे लेकर एडीसीपी ट्रैफिक पियूष सिंह ने बताया कि पिछले कई सालों की तरह इस बार भी कार्तिक पूर्णिमा मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होने वाला है। जिसे लेकर इस तरह के जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।

12 नवंबर रात 10 बजे से भारी वाहनों पर रोक

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 12 नवंबर की रात दस बजे से सबसे यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए हापुड़ पुलिस ने भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए, डायवर्जवन किया गया है। हापुड़ पुलिस के अनुरोध पर गाजियाबाद पुलिस ने भी भारी व्यावसायिक वाहनों का डायवर्जन प्लान जारी कर दिया है। इस रूट डायवर्जन प्लान के तहत निजी और रोडवेज बस, ट्रक, कैंटर जैसे सभी भारी व्यावसायिक वाहन हापुड़ होकर गढ़मुक्तेश्वर की तरफ नहीं जा सकेंगे। डायवर्जन प्लान 12 नवंबर की रात दस बजे से शुरू होगा जो 17 नवंबर को कार्यक्रम की समाप्ति तक जारी रहेगा।

लालकुआं और डासना पर बढ़ेगा दबाव

बता दें कि हापुड़ से होकोर गढ़मुक्तेश्वर पर भारी वाहनों के प्रतिबंध से लालकुआं और डासना पर वाहनों का दबाव बढ़ेगा। इस वजह से दो पहिया और कार चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इन दोनों रूट पर पहले ही वाहनों का अधिक दबाव बना रहता है। वहीं भारी वाहनों के डायवर्ट होने से यहां लोगों को काफी परेशानी हो सकती है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस ने भी दोनों जगहों पर व्यवस्था मजबूत कर लगी है। इन जगहों पर 24 घंटे यातायात कर्मी तैनात रहेंगे।

किसी तरह की असुविधा के लिए करें संपर्क

कार्तिक पूर्णिमा मेल को लेकर भारी वाहनों के गुजरने से अगर किसी तरह की असुविधा होने पर इन नंबरों को डायल कर सकते हैं। एडीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि असुविधा से बचने के लिए लोग वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डायवर्जन प्लान में बदलाव किया जा सकता है। असुविधा होने पर ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 9643322904, 0120- 2986100 और यातायात निरीक्षक प्रथम संतोष कुमार सिंह के मोबाइल नंबर 7398000808 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

इन रास्तों से जा सकेंगे भारी वाहन

हापुड़ से होकोर गढ़मुक्तेश्वर पर रूट डायवर्ट होने से अमरोहा, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ जाने वाले भारी व्यावसायिक गाड़ियां डासना गाजियाबाद से ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे से बुलन्दशहर, डिबाई, नरौरा, बबराला हो कर जा सकेंगे।

इसके साथ ही भारी वाहने काअमरोहा, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ की तरफ जाने वाले सभी प्रकार के भारी व्यावसायिक वाहन लालकुआं से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-91 का प्रयोग करते हुए बुलन्दशहर, डिबाई, नरौरा, बबराला, बहजोई, चन्दौसी होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।

Maahi Yashodhar
Maahi Yashodharauthor

माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

और पढ़ें
End of Article