गाजियाबाद

सिर काटकर ले गए हत्यारे, तांत्रिक ने कर दिया खेल; गाजियाबाद पुलिस ने हत्याकांड का किया खुलासा

गाजियाबाद में तकरीबन 55 दिन पहले युवक की हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने तंत्र विद्या में इस्तेमाल करने के लिए युवक की हत्या कर उसका सिर काट ले गए थे.।

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प्रतिकात्मक

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

गाजियाबाद: थाना टीला मोड़ क्षेत्र 22 जून को एक सिर कटा शव बरामद किया गया था। उस दौरान पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी कि कैसे हत्यारों का सुराग लगाएं? लेकिन, पुलिस ने इस घटना का सफल अनावरण करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, अभी घटना को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी, जिसका नाम परमात्मा बताया जा रहा है, वह पुलिस की गिरफ्त से दूर है।

पांच लाख में तय हुई थी सुपारी

दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें परमात्मा (फरार आरोपी) ने यह लालच दिया था कि उसे तांत्रिक विद्या के लिए एक खोपड़ी की जरूरत है और उस खोपड़ी की एवज़ में वह 5,00,000 रुपये दे सकता है। लिहाजा दोनों आरोपी हत्या कर एक खोपड़ी देने करने को तैयार हो गए। फिर उन्होंने एक युवक को चिन्हित किया जो नशेड़ी किस्म का था। उसके बाद 21 तारीख को उसकी हत्या कर शव को 22 तारीख को गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र मे फेंक कर फरार हो गए। डेडबॉडी से गर्दन काट कर उसकी खोपड़ी अपने पास ही रख ली थी। ऐसे में पुलिस के लिए हत्याकांड का खुलासा करना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है।

हालांकि, मुख्य आरोपी परमात्मा अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परमात्मा को भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस अभी खोपड़ी भी बरामद नहीं कर पाई है। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद ही खोपड़ी बरामद की जाएगी। आरोपियों ने बताया कि जब वे खोपड़ी परमात्मा के पास लेकर पहुंचे तो उसने खोपड़ी सिर की तरफ से क्रैक बता कर उसे तांत्रिक विद्या में शामिल नहीं किया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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