गाजियाबाद

Ghaziabad: मधुबन बापूधाम में बनेगा नया पर्यटन स्थल, मियावाकी जंगल लगाने की हो रही तैयारी

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) मधुबन बापूधाम योजना के तहत 2700 वर्गमीटर खाली जमीन पर मियावाकी तकनीक से घना जंगल विकसित कर रहा है। 27 लाख रुपये की इस परियोजना में जंगल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें फुटपाथ और बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं होंगी। यह पहल शहरी विकास के साथ पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देगी।

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मियावाकी तकनीक से लगेगा जंगल (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Ghaziabad News: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। मधुबन बापूधाम योजना के अंतर्गत STP परिसर की लगभग 2700 वर्गमीटर खाली जमीन पर घना जंगल विकसित किया जाएगा। GDA के अधिकारी बताते हैं कि यहां मियावाकी पद्धति से पौधे लगाए जाएंगे, ताकि भविष्य में लोगों को इनका लाभ और मिल सके। शनिवार से ही GDA के गार्डन डिपार्टमेंट ने जमीन को समतल करने का काम शुरू कर दिया है, जिससे बरसात के मौसम में यहां पौधे लगा कर इसे विकसित किया जा सके। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 27 लाख रुपये का खर्च आएगा।

शनिवार से GDA के उद्यान अनुभाग ने इस जमीन को समतल करने का कार्य शुरू कर दिया है। बरसात के में पौधरोपण किया जाएगा ताकि पौधे तेजी से बढ़ सकें। मियावाकी तकनीक एक जापानी जंगल लगाने की विधि है। इस तकनीक का उद्देश्य छोटे स्थानों में तेजी से बढ़ने वाले, घने और जैव विविधता से भरपूर जंगल तैयार करना है। इसमें कम जगह में भी घने जंगल उगाए जाते हैं।

STP परिसर के इस जंगल में पीपल, नीम, सहजन, आम, कटहल, जामुन, अमरूद, आंवला, केला, खजूर, बेल, अनार, नींबू, शहतूत, फालसा, अंजीर, अमलतास, कचनार, गुड़हल जैसे छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इनसे न केवल हरियाली बढ़ेगी बल्कि लोगों को स्वच्छ हवा और प्राकृतिक वातावरण का लाभ भी मिलेगा।

GDA उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने बताया कि इस जंगल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां चारों ओर फुटपाथ बनाया जाएगा, ताकि लोग सुबह-शाम टहल सकें। साथ ही बैठने के लिए बेंच लगाई जाएंगी और पशु-पक्षियों की आकृतियां लगाने पर भी विचार किया जा रहा है।

यह परियोजना न केवल गाजियाबाद की हरियाली बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को प्रकृति से जुड़ने का एक नया तरीका मुहैया कराएगी। GDA की यह पहल शहरी विकास और पर्यावरण संतुलन का बेहतर उदाहरण बन सकती है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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