गाजियाबाद

Ghaziabad: ऑक्सी होम सोसायटी की 8वीं मंजिल से गिरी महिला, हत्या या आत्महत्या?

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक हाई राइज सोसायटी की आठवीं मंजिल से गिरकर एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। पुलिस सीसीटीवी कैमरे के जरिए घटना की वास्तविकता का पता लगा रही है।

Image

(प्रतिकात्मक फोटो)

Photo : BCCL

गाजियाबाद: शहर में एक हाई राइज सोसायटी की आठवीं मंजिल से गिरकर एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई है। पुलिस सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है और आसपास के लोगों के साथ परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। घटना शहर के टीला मोड़ इलाके के ऑक्सी होम्स सोसायटी की है। एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि सोमवार को डायल 112 से सूचना मिली थी कि एक बुजुर्ग महिला की ऑक्सी होम्स सोसायटी की आठवीं मंजिल से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि तुरंत फील्ड यूनिट को मौके पर रवाना किया गया। वहां पहुंचकर पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं

उन्होंने बताया कि इस मामले में आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। आसपास के लोगों और महिला के परिजनों से घटना के बारे में जानकारी ली जा रही है। शहर में हाई राइज सोसायटी से गिरकर मौत का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस ऐसे मामलों में यह पता लगाने की कोशिश करती है कि हादसे के पीछे की असल वजह क्या है। क्या किसी तरीके के अकेलेपन या बीमारी के चलते ऐसा कदम उठाया गया है या यह कोई हादसा है। सभी पहलुओं पर पुलिस जांच की जाती है।

कई बार यह भी देखने को मिलता है कि बिल्डर द्वारा बालकनी में बनवाई गई रेलिंग मानकों से काफी नीचे होती है जिसकी वजह से ऐसे हादसे हुए हैं। फिलहाल इस मामले की भी जांच की जा रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article