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Ghaziabad News: EWS-LIG फ्लैट्स में देरी पर GDA सख्त, जांच कर कमेटी बनाएगी डेवलपर्स की रिपोर्ट

Ghaziabad News: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने EWS और LIG श्रेणी के फ्लैट्स में देरी की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी प्रत्येक जोन में बने और वितरित न किए गए फ्लैट्स की रिपोर्ट तैयार करेगी।

gda panel for developers

समय पर कब्जा नहीं देने पर GDA करेगा कार्रवाई (सांकेतिक चित्र)

Ghaziabad News: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने EWS ( आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और LIG (निम्न आय वर्ग) श्रेणी के फ्लैट्स में देरी के मामलों की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कई लाभार्थियों ने शिकायत की थी कि डेवलपर्स समय पर फ्लैट्स का कब्जा नहीं दे रहे हैं।

कमेटी की जिम्मेदारियां

GDA अधिकारी के अनुसार, कमेटी प्रत्येक जोन के फ्लैट्स की स्थिति का डीटेल्ड रिपोर्ट तैयार करेगी। इसमें यह देखा जाएगा कि डेवलपर्स ने कितने फ्लैट्स बनाए और कितनों का वितरण नहीं हुआ। जिन डेवलपर्स ने समय पर फ्लैट्स नहीं दिए, उन्हें देरी का कारण बताने का अवसर दिया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर GDA उन डेवलपर्स के मैप अनुमोदन को रद्द करने की कार्रवाई कर सकती है।

फिलहाल फ्लैट्स का हाल

2024 की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 4,860 EWS फ्लैट्स में से केवल 1,717 बनाए गए, जिनमें से 1,455 लाभार्थियों को आवंटित किए गए। इसी तरह, 4,860 LIG फ्लैट्स में से केवल 1,255 बनाए गए। डेवलपर्स को अपने प्रोजेक्ट्स में इन फ्लैट्स का विज्ञापन करना जरूरी है और लाभार्थी GDA के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

कीमत और क्षेत्रफल का निर्धारण

EWS फ्लैट्स की कीमत लगभग 6 लाख रुपये और LIG फ्लैट्स की कीमत लगभग 9 लाख रुपये निर्धारित है। EWS फ्लैट्स का क्षेत्रफल 24 से 36 वर्ग मीटर और LIG फ्लैट्स का 40 से 60 वर्ग मीटर के बीच होना चाहिए। बता दें कि ग्रुप हाउसिंग डेवलपर्स के लिए यह अनिवार्य है कि वे कुल फ्लैट्स में से 10% आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और 10% निम्न आय वर्ग (LIG) श्रेणी के तहत बनाएं।

छोटे प्रोजेक्ट्स में छूट

यदि कोई प्रोजेक्ट 4 हेक्टेयर से छोटे क्षेत्र में हो, तो डेवलपर्स EWS और LIG फ्लैट्स बनाने के बजाय शेल्टर शुल्क जमा कर सकते हैं। यह शुल्क 10% LIG और 10% EWS फ्लैट्स की लागत के बराबर होता है। हालांकि, कई डेवलपर्स इस शुल्क का भुगतान करने में बचते रहे हैं। GDA अब इस मुद्दे पर फिर गंभीरता से विचार कर रहा है। कुछ डेवलपर्स का कहना है कि EWS और LIG फ्लैट्स बनाना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो गया है। जमीन, निर्माण और मजदूरी की लागत में बढ़ोतरी के कारण ये फ्लैट्स बनाना फायदेमंद नहीं रह गया।

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 Nishant Tiwari
Nishant Tiwari author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

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