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गढ़चिरौली में CRPF और पुलिस का ऑपरेशन अंतिम प्रहार: 8 नक्सली गिरफ्तार, 5 ने डाले हथियार; अब रिकॉर्ड में कोई भी वांटेड माओवादी नहीं

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में CRPF और पुलिस के 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' के तहत 8 नक्सली गिरफ्तार किए गए और 5 ने आत्मसमर्पण किया है। एसपी एम. रमेश के अनुसार, अब पुलिस के सरकारी रिकॉर्ड में कोई भी वांटेड माओवादी बाकी नहीं बचा है।

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भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद (स्क्रीनग्रैब: ANI)

Photo : ANI

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त कराने की दिशा में सुरक्षा बलों ने एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और गढ़चिरौली पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' (Operation Antim Prahar) के तहत आठ कुख्यात माओवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि पांच अन्य ने डर और दबाव के चलते अपने हथियार डाल दिए हैं। इस बड़े एक्शन के बाद जिले के आधिकारिक 'वांटेड' (Wanted) माओवादियों के रिकॉर्ड से सभी नाम खत्म हो गए हैं, जो कि इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से एक नया मील का पत्थर है।

SP एम. रमेश ने किया ऐतिहासिक सफलता का ऐलान

गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक (SP) एम. रमेश ने इस बेहद महत्वपूर्ण कामयाबी की पुष्टि करते हुए कहा, "CRPF और गढ़चिरौली पुलिस ने संयुक्त रूप से 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' शुरू किया था, जिसके तहत आठ माओवादियों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया गया है। इस ऑपरेशन के शुरू होने और इसकी सफलता के बाद, अब गढ़चिरौली पुलिस के आधिकारिक 'वांटेड' रिकॉर्ड में एक भी माओवादी बाकी नहीं बचा है।"

भारी मात्रा में हथियार बरामद

सुरक्षा बलों ने 'ऑपरेशन अंतिम प्रहार' के दौरान गिरफ्तार और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के ठिकानों से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, जिंदा कारतूस, विस्फोटक सामग्री और रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान बरामद किया है। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इन गिरफ्तारियों और आत्मसमर्पण से इस क्षेत्र में सक्रिय नक्सली नेटवर्क की रीढ़ पूरी तरह से टूट गई है।

विकास की मुख्यधारा में लौट रहे हैं भटके युवा

गढ़चिरौली पुलिस की इस कार्रवाई और नक्सलियों के लगातार हो रहे आत्मसमर्पण (Surrender) से साफ है कि अब माओवादियों की खोखली विचारधारा से लोगों का भरोसा उठ चुका है। ऑपरेशन के दौरान 5 नक्सलियों द्वारा हथियार डालना यह दिखाता है कि सुरक्षा बलों की सख्ती के साथ-साथ सरकार की पुनर्वास नीतियां भी रंग ला रही हैं, और भटके हुए लोग अब विकास की मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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