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बीवी के थे अवैध संबंध! होटल में पिता ने दो नाबालिग बेटियों का घोंटा गला; खुद उठाया खौफनाक कदम

कर्नाटक के बेंगलुरु के होटल में दर्दनाक घटना: एयरपोर्ट रोड स्थित ताज होटल में पिता ने अपनी दो नाबालिग बेटियों की गला घोंटकर हत्या कर दी और खुद भी आत्महत्या की कोशिश की।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

बेंगलुरु : शहर के एयरपोर्ट रोड स्थित ताज होटल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 40 वर्षीय एसजी इमरान ने कथित तौर पर अपनी दो नाबालिग बेटियों शेख ज़ेहरा (5) और शेख ज़ोया (10) का गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी पिता ने खुद भी आत्महत्या करने की कोशिश की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

बीवी के कलह से है आजिज

नागावारा का रहने वाला आरोपी इमरान मौके पर गंभीर हालत में मिला, जिसे तुरंत इलाज के लिए मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें वैवाहिक जीवन में लगातार कलह और पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति के साथ अवैध संबंध होने के संदेह का जिक्र किया गया है। पुलिस नोट की सत्यता की जांच करने के साथ-साथ इस सनसनीखेज वारदात के असल मकसद का पता लगाने में जुटी है। इस संबंध में स्थानीय थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

उसने यह भी दावा किया कि उसे अपनी पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध होने का संदेह था और उसके पास इसके साक्ष्य भी मौजूद हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। डीसीपी के अनुसार, सुसाइड नोट में लिखी गई बातों और इस दोहरे हत्याकांड के पीछे की असल वजह की गहराई से छानबीन की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आखिर किन परिस्थितियों में दोनों मासूम बच्चियों की हत्या की गई। इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई तेजी से जारी है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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