फरीदाबाद

Surajkund Mela 2023: सूरजकुंड मेले में बांस का ट्री हाउस बनेगा आकर्षण का केंद्र, वीआईपी गेट से एंट्री करते ही होंगे अपना घर के दर्शन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 30, 2023, 09:01 PM IST

Surajkund Mela 2023: हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की तैयारियां आखिरी दौर में हैं। इस बार मेला ज्यादा भव्य तरीके से आयोजित होगा। सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और हरियाणा पर्यटन विभाग की ओर से मेले का आयोजन किया जाता है। मेले का आयोजन तीन फरवरी से होगा और 19 फरवरी तक चलेगा।

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36वें अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की तैयारियां जोरों पर

KEY HIGHLIGHTS
  • अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड मेले की तैयारियां आखिरी दौर में
  • इस बार मेला ज्यादा भव्य तरीके से होगा आयोजित
  • तीन फरवरी से होगा मेले का आयोजन, 19 फरवरी तक चलेगा


Surajkund Mela 2023: फरीदाबाद के सूरजकुंड की मनमोहक वादियों में लगने वाले 36वें अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। मेला परिसर में तैयारियों को हरियाणा पर्यटन निगम अंतिम रूप दे रहा है। इस बार मेला पिछले वर्षों से अधिक भव्य तरीके से आयोजित होगा। मेले का आयोजन सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और हरियाणा पर्यटन विभाग की ओर से किया जाता है। मेले का आयोजन तीन फरवरी से होगा और 19 फरवरी तक चलेगा। नॉर्थ ईस्ट राज्यों से आए कलाकारों की थीम स्टेट के हिसाब के मेले परिसर संवारने का कार्य किया जा रहा है। मेले की मुख्य चौपाल को और बड़ा किया जा रहा है। मेले में इस बार असम के ट्री-हाउस तैयार किए जा रहे हैं। बांस से बनाया जा रहा यह ट्री हाउस और दिल्ली गेट बांस का पवेलियन सैलानियों के मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा।

इस साल सूरजकुंड मेले परिसर में नॉर्थ ईस्ट के आठ राज्यों को थीम स्टेट बनाया गया है। मेले में इन राज्यों की कला, संस्कृति, हस्तशिल्प, परिधान और साज-सज्जा दिखाई देगी। नॉर्थ ईस्ट राज्यों में बांस काफी ज्यादा होता है। इसलिए मेले में इस साल बांस का शानदार काम दिखाई देगा।

तीन हजार से ज्यादा बांस असम से मंगाए गए

असम से इसके लिए खासतौर पर तीन हजार से ज्यादा बांस मंगाए गए हैं। मेला परिसर में बांस से बैंबू हाउस बन रहा है। एक मुख्य गेट भी तैयार हो रहा है। इसके साथ ही मुख्य चौपाल के पीछे दो ट्री हाउस भी बनाए जा रहे हैं। उत्तर पूर्व के कुछ राज्यों में ट्री-हाउस का कल्चर है। यहां पर लोग पेड़ों के ऊपर छोटे-छोटे घर बनाकर निवास करते हैं। इस बार मेला परिसर में इन घरों का प्रतिरूप देखने को मिलेगा। मुख्य चौपाल के पीछे करीब 30 फुट ऊंचे ट्री हाउस तैयार हो रहे हैं। आपको बता दें कि मेला परिसर में इस साल पहली बार ट्री हाउस दिखेंगे।

वीआईपी गेट से एंट्री करते ही होंगे अपना घर के दर्शन

उधर, पर्यटकों को वीआईपी गेट से एंट्री करते ही हरियाणा के अपना घर के दर्शन होंगे। अपना घर के पास ही थीम स्टेट में शामिल आठ राज्यों के एक जोन को भी सजाया और संवारा जा रहा है। मेले में इस साल नार्थ ईस्ट के आठ राज्य थीम स्टेट के रूप में शामिल हो रहे हैं। आपको बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का उद्घाटन तीन फरवरी को है। मेले में पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के मुख्यमंत्री या राज्यपाल सहित सभी कलाकार में शिरकत कर सकते हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को मेले के उद्धाटन के लिए बुलावा भेजा है। सूरजकुंड मेले की नोडल अधिकारी अपराजिता ने कहा कि मेले की तैयारियां अखिरी दौर में है। नॉर्थ-ईस्ट की कला संस्कृति इस बार मेले में पर्यटकों को खूब पसंद आएगी। बांस का बना ट्री हाउस भी लोगों को अपनी तरफ खासा आकर्षित करेगा।
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