Faridabad: हरियाणा में फरीदाबाद जिले के ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर 87 स्थित एक बिल्डिंग की पांचवी मंजिल से एक बुजुर्ग व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली है। लेकिन अब इस मामले ने एक नया मोड़ आया है। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग की मृत्यु को लेकर उसके पास मिले सुसाइड नोट से एक बड़ा खुलासा हुआ है।इस नोट के अनुसार, बुजुर्ग व्यक्ति ने बेटे और बहू की पिटाई के तंग आकर सुसाइड किया। पुलिस ने बेटे और बहू पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने के लिए बीएनएस की धारा 108, 3 (5) के तहत मामला दर्ज किया।
बेटा-बहू से परेशान बुजुर्ग ने दी जान
जानकारी के अनुसार, रॉयल हिल्स सोसायटी की पांचवी मंजिल से कूदकर बुजुर्ग द्वारा आत्महत्या करने के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग की जेब से एक सुसाइड नोट मिला था। इस नोट के आधार पर पुलिस ने बीते 4 मार्च की रात को मृतक बुजुर्ग का बेटा जो कि निजी कंपनी में काम करता है और बहू जो कि अध्यापिका है, के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के लिए बीएनएस की धारा 108, 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। बता दें कि आत्महत्या की यह घटना बीते 22 फरवरी की है। लेकिन एक्शन लेते हुए घटना के 10 दिन बाद बेटे और बहू के खिलाफ अब मामला दर्ज किया गया है।
बेटा और बहू करते थे पिटाई
ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर 87 में रहने वाले 67 वर्षीय बुजुर्ग कुबेरनाथ शर्मा जो कि अपनी पत्नी अपने बेटे शैलेश कुमार शर्मा पुत्रवधू आकांक्षा और अपने छोटे पोते के साथ फ्लैट नंबर A /2 - 502 में किराए पर पिछले 4 साल से रह रहे थे। उनकी पांचवी मंजिल से गिरकर मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के बेटे शैलेश ने पुलिस में बयान दर्ज करवाया था कि उनके पिता बीमार रहते थे और वह बीमारी के चलते परेशान चल रहे थे जिसकी वजह से उन्होंने सोसायटी की पांचवी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बेटे के बयान पर मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव को परिवार के हवाले कर दिया था। लेकिन पुलिस को तलाशी में मिले सुसाइड नोट से यह खुलासा हुआ कि बेटा और बहू से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या करली। मिले सुसाइड नोट में कुबेरनाथ ने लिखा था की बेटे और बहू चप्पलों से मारेंगे तो जीने से अच्छा मरना है, इसमें किसी का दोष नहीं है सब ऊपर वाले की मर्जी है।
शव की तलाशी के दौरान मिला सुसाइड नोट
हैरान कर देने वाली बात ये है कि पुलिस द्वारा जारी FIR में लिखा है कि निजी अस्पताल में शव की तलाशी के दौरान ही सुसाइड नोट बरामद कर लिया था लेकिन फिर भी पुलिस ने मृतक के बेटे के बयान पर उसके मृतक पिता का पोस्टमार्टम करवाया। अब 10 दिन बाद पुलिस ने उसी सुसाइड नोट को आधार बनाकर बेटे और बहू के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्यों सुसाइड नोट मिलने पर भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में 10 दिन का समय लगाया। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच करते विधिक कार्रवाई किए जाने की बात की गई है।
