Surajkund Mela 2023: फरीदाबाद के अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का इस साल विस्तार होने जा रहा है। यह मेला अब 45 नहीं, बल्कि 50 एकड़ के क्षेत्रफल में लगेगा। इसके अलावा कई अन्य बड़े बदलाव होने जा रहा है। हरियाणा सरकार द्वारा वर्ष 1987 में शुरू किए गए इस मेले में पहली बार पर्यटक पूर्वोत्तर राज्यों के व्यंजनों का मजा ले सकेंगे। इसके अलावा हरियाणा और राजस्थान के लोकल डिश के साथ दूसरे राज्यों के स्वदिष्ट व्यंजनों का भी स्वाद चखने को मिलेगा। इस साल सूरजकुंड मेला का आयोजन 3 से 19 फरवरी तक होगा। अगर आप अपने परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हैं तो इस मेले में आने का प्लान जरूर बना लें।
इस मेले के आयोजन का मुख्य उद्देश देश के सभी शिल्प उत्पादों को एक ही स्थान पर लाना है। यहां आप ना केवल इन्हें देख सकते हैं, बल्कि अपनी पसंद के उत्पाद को खरीद भी सकते हैं। फरीदाबाद प्रशासन ने सूरजकुंड मेले की तैयारियों शुरू कर दी हैं। मेले में सैकड़ों छोटे-छोटे हॉट्स बनाए गए हैं। जिन्हें अब देसी लुक में सजाकर सुंदर बनाया जा रहा है। इस बार सूरजकुंड मेले का आयोजन लोकल फॉर वोकल थीम पर होगा। ऐसे में आपको मेले के अंदर पूरे देश की संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इस मेले में देश-विदेश से आए कलाकार भी अपनी कला की प्रस्तुति देते हैं। यही वजह है कि इस मेले में देश के कोने-कोने से पर्यटक पहुंचते हैं।
इन व्यंजनों की पहली बार रहेगी धूम
सूरजकुंड मेले कई तरह के देशी-विदेशी व्यंजनों के स्वाद लेने को मिलेगा। यहां पर फूड्स के लिए अलग से 50 स्टॉल लगाई जा रही है, लेकिन यहां आने वाले लोग पहली बार कुछ खास व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। इस मेले में मेघालय की फ्रूटचाट, त्रिपुरा की भंगुई बिरयानी, मणिपुर की चाहाओ खीर और पूर्वोत्तर राज्यों की बैंबू बिरायनी का जायका लेने का मौका मिलेगा। इस बार मेले में पूर्वोत्तर के आठ राज्यों अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, आसाम, सिक्किम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए थीम स्टेट बनाया जा रहा है। पूर्वोत्तर राज्यों के नोडल अधिकारी सारंग दत्ता ने बताया कि इस बार मेले में पूर्वोत्तर राज्यों के पकवान मुख्य केंद्र में रहेंगे। ये सभी राज्य यहां पर शाकाहारी भोजन ही परोसेंगे।
