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Indore News: इंदौर के जंगल में चल रहे पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, तीन मजदूर बुरी तरह झुलसे

  • Agency by: Agency
  • Updated Apr 16, 2024, 08:20 PM IST

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार को विस्फोट होने से तीन मजदूर बुरी तरह से झुलस गए। बताया जा रहा है कि ये फैक्ट्री जंगल में चल रही थी।

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पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट।

Photo : ANI

Indore News: मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में जंगली इलाके के खेत में चलाए जा रहे पटाखा कारखाने में मंगलवार को विस्फोट में तीन मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हरदा के पटाखा कारखाने में छह फरवरी को भीषण विस्फोट के महज 70 दिन बाद इंदौर के पटाखा कारखाने में विस्फोट हुआ। इस घटना ने सूबे में पटाखा कारखानों के संचालन और इनमें आग से बचाव के इंतजामों की सरकारी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विस्फोट में तीन मजदूर झुलसे

पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) उमाकांत चौधरी ने बताया कि महू थाना क्षेत्र के अंबा चंदन गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर जंगली इलाके में चलाए जा रहे कारखाने में रस्सी बम बनाए जाने के दौरान हुए विस्फोट में रोहित परमानंद (20), अर्जुन राठौर (27) और उमेश चौहान (29) झुलस गए।

मजदूरों की हालत गंभीर

पुलिस अधिकारी ने बताया कि झुलसे मजदूरों में शामिल रोहित इंदौर जिले का निवासी है, जबकि राठौर और चौहान महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले हैं। डीएसपी ने बताया कि तीनों घायलों को इंदौर के चोइथराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। चोइथराम हॉस्पिटल के एक अधिकारी ने बताया कि पटाखा कारखाने के तीनों मजदूर औसतन 70 प्रतिशत तक जल गए हैं और धमाके के बाद दूर जा गिरने से इनमें से एक श्रमिक की हड्डियां भी चोटिल हुई हैं। उन्होंने बताया कि तीनों मजदूरों की हालत गंभीर है।

धमाके से फैक्ट्री पूरी तरह नष्ट

विस्फोट की प्रत्यक्षदर्शी जाहिदा ने बताया, 'मैंने देखा कि कारखाने में अचानक धमाका हुआ और कारखाना पूरी तरह नष्ट हो गया।' उन्होंने बताया कि घायल मजदूरों के मुताबिक पटाखा कारखाने में किसी चीज पर पैर पड़ जाने के बाद विस्फोट हुआ। प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया कि कारखाने में रस्सी बम बनाए जाने के लिए अलग-अलग रसायन मिलाकर बारूद तैयार किया जाता था। पुलिस के मुताबिक यह कारखाना इंदौर से सटे राऊ कस्बे का निवासी शाकिर खान चला रहा था।

विस्फोट के बाद लगी आग

मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) रूपेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि पटाखा कारखाना जंगली इलाके में चार बीघा में फैले एक खेत में चलाया जा रहा था। शुरुआती तौर पर पता चला है कि कारखाने का लाइसेंस 31 मार्च तक वैध था। लाइसेंस की वैधता को लेकर जांच जारी है।

चश्मदीदों ने बताया कि पटाखा कारखाना लोहे के तारों से बनाई गई चारदीवारी के अंदर चलाया जा रहा था और इसमें टीन की चादर से कमरे नुमा ढांचे तैयार किए गए थे। उन्होंने बताया कि विस्फोट के बाद कारखाना परिसर में आग लग गई और टीन की चादरों के दूर जाकर गिरने से यह परिसर फिलहाल सपाट मैदान की तरह दिखाई दे रहा है।

विस्फोट की चल रही जांच

पटाखा कारखाने में विस्फोट के बाद इंदौर के जिलाधिकारी आशीष सिंह घायल मजदूरों का हाल-चाल जानने के लिए चोइथराम हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जानकारी के मुताबिक जंगली इलाके में कारखाना परिसर के दूर-दूर बने आठ कमरे नुमा ढांचों में 12-13 लोग काम कर रहे थे। इनमें से एक कमरे में विस्फोट हुआ जिसमें तीन मजदूर घायल हुए। इंदौर के जिलाधिकारी सिंह ने दावा किया कि पटाखा कारखाना परिसर में आग बुझाने वाले यंत्र रखे थे। उन्होंने कहा कि जांच की जा रही है कि इस परिसर में विस्फोट किन हालात में हुआ।

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