कानपुर : जिले के घाटमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से हुए चर्चित बच्चा चोरी मामले में पुलिस ने एक बड़े साजिशकर्ता को गिरफ्तार किया है। बिजली विभाग के एक SDO (सब-डिविजनल ऑफिसर) को पुलिस ने जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी SDO को बेटे की चाहत थी, जिसके चलते उसने एक एएनएम को 5 लाख रुपये का लालच देकर यह खौफनाक साजिश रची थी।
क्या था पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, मौदहा कस्बे के बिजली सब-स्टेशन में तैनात SDO आरके वर्मा मूल रूप से घाटमपुर के सूखापुर गांव का रहने वाला है। उसकी दो बेटियां हैं और वह बेटा चाहता था। इसी चाहत में उसने बांदा जिले के देवीपुर में तैनात एएनएम गीता को 5 लाख रुपये देने का झांसा देकर बच्चा चोरी करने के लिए तैयार किया था।
बीते 11 मई की रात एएनएम गीता घाटमपुर CHC में घुसी और वहां से एक बच्चा चुराकर भागने लगी। हालांकि, अस्पताल के सतर्क कर्मचारियों ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एएनएम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विवेचना में सामने आया SDO का नाम
एएनएम से हुई पूछताछ और पुलिस की गहन विवेचना के दौरान बिजली विभाग के SDO आरके वर्मा का नाम मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ मानव तस्करी और अपहरण की साजिश रचने का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी।
घाटमपुर के एसीपी कृष्णकांत ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि SDO ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने बेटे की चाहत के कारण ही एएनएम को 5 लाख रुपये देकर बच्चा चोरी करवाया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच अभी जारी है।
