दूध का कर्ज अदा किया 8 साल के बेटे ने, HIV पॉजिटिव मां के इलाज से पोस्टमार्टम तक रहा अकेला खड़ा
- Edited by: Nilesh Dwivedi
- Updated Jan 16, 2026, 05:34 PM IST
उत्तर प्रदेश के एटा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जैथरा क्षेत्र में इलाज के दौरान एक एचआईवी पीड़ित महिला की मौत के बाद उसका आठ वर्षीय बेटा ही उसका एकमात्र सहारा बनकर सामने आया। मां के निधन के बाद उसी मासूम ने अकेले दम पर पोस्टमार्टम से लेकर सभी जरूरी औपचारिकताएं निभाईं।
एटा में दिल दहला देने वाली घटना!
Etah News: यूपी के एटा जिले के थाना जैथरा इलाके में एक एचआईवी से पीड़ित महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दौरान उसका आठ साल का बेटा ही उसका एकमात्र सहारा बना रहा। पुलिस के मुताबिक, ग्राम नगला धीरज निवासी स्वर्गीय सुरेंद्र की पत्नी नीलम को इलाज के लिए एटा स्थित वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मां के निधन के बाद उसका आठ वर्षीय बेटा खुद ही शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर पहुंचा और जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कराईं। अंतिम समय तक वह बच्चा अकेले ही अपनी मां के साथ खड़ा रहा।
जैथरा थाना प्रभारी रितेश ठाकुर ने बताया कि नीलम करीब एक महीने से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। उपचार के लिए वह फर्रुखाबाद में अपने मायके में रह रही थीं। स्वास्थ्य अधिक बिगड़ने पर करीब पांच दिन पहले वह अपने पैतृक गांव जैथरा लौट आईं, जहां से उन्हें एटा के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान बुधवार को उनकी मृत्यु हो गई। थानाध्यक्ष के अनुसार, अस्पताल में नीलम के साथ उस समय केवल उनका आठ वर्षीय बेटा मौजूद था। मां के निधन के बाद बच्चा बिल्कुल अकेला रह गया। अस्पताल प्रशासन द्वारा इसकी सूचना थाना जैथरा पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा सहित सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
बच्चे ने क्या बताया?
बेटे ने पुलिस और मीडिया कर्मियों को बताया कि उसकी 15 वर्षीय बहन राखी है, जो अपने ननिहाल फर्रुखाबाद जनपद के ग्राम नारायणपुर में रहती है। उसके पास किसी भी रिश्तेदार का फोन नंबर नहीं था, जिससे वह किसी से संपर्क नहीं कर सका। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने पर बेटे ने बताया कि कोई सहारा न होने के कारण वह खुद ही अपनी मां के शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर आया। पुलिस ने जानकारी दी कि नीलम के पति सुरेंद्र का निधन करीब आठ महीने पहले हो चुका था। वह भी एचआईवी से संक्रमित थे। नीलम स्वयं भी एचआईवी की मरीज थीं।
क्या बच्चा भी है एचआईवी पॉजिटिव?
इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि महिला और उसके पति दोनों ही एचआईवी से संक्रमित थे। बच्चों में संक्रमण की आशंका को लेकर उन्होंने कहा कि यदि मां गर्भावस्था या प्रसव के समय एचआईवी पॉजिटिव रही हो, तो बच्चे के संक्रमित होने की संभावना रहती है, जबकि अन्य स्थिति में बच्चे के नेगेटिव होने की भी पूरी संभावना होती है। वहीं, थानाध्यक्ष रितेश ठाकुर ने बताया कि परिजनों को सूचना देकर अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं कराई गईं। परिजनों, समाज के लोगों और पुलिस की उपस्थिति में अंतिम संस्कार कराया जाएगा। इस पूरे मामले में पुलिस ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए आगे बढ़कर बेसहारा बच्चे की मदद की।
(इनपुट - भाषा)
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