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चुनावी तैयारियों के बीच ED का एक्शन; सोना पप्पू केस में छापेमारी के दौरान 1 करोड़ 20 लाख रुपये से ज्यादा नकद बरामद

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सोना पप्पू मामले में एजेंसी ने छापेमारी कर 1 करोड़ 20 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद की है। फिलहाल शहर के कई ठिकानों पर तलाशी जारी है और जांच में अहम सुराग मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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सोना पप्पू केस में छापेमारी के दौरान 1 करोड़ 20 लाख रुपये से ज्यादा नकद बरामद (फोटो: PTI)

Photo : PTI

Kolkata News: जहां एक तरफ पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियां जारी हैं तो वहीं राज्य की राजधानी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोना पप्पू मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए छापेमारी के दौरान 1 करोड़ 20 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी जब्त की है। एजेंसी की कोलकाता टीम फिलहाल शहर के आठ अलग-अलग ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही है।

सोना पप्पू के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज

ये छापे सोना पप्पू उर्फ बिस्वजीत पोद्दार, बाबू सोना उर्फ राहुल दास, सन ग्रुप और जय कमदार से जुड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर डाले गए हैं। बताया जा रहा है कि सोना पप्पू के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली और आपराधिक गिरोह संचालित करने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। ईडी की यह कार्रवाई अभी जारी है और जांच एजेंसी को तलाशी के दौरान अहम दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों के मिलने की उम्मीद है।

साइबर धोखाधड़ी मामले में उद्योगपति पवन रुइया को गिरफ्तार

वहीं, एक अन्य घटना में पश्चिम बंगाल पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने उद्योगपति पवन रुइया को मुखौटा कंपनियों और क्रिप्टोकरेंसी के जरिये धनशोधन कर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में मंगलवार को गिरफ्तार किया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिधाननगर साइबर अपराध पुलिस थाने में मामला दर्ज होने के बाद रुइया को कोलकाता के बाहरी इलाके न्यू टाउन में स्थित एक होटल के पास से पकड़ा गया।

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने साइबर अपराध मामलों की अपनी जांच के आधार पर खुद संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया है, जिसमें कथित तौर पर 315 करोड़ रुपये की लेनदेन मुखौटा कंपनियों और रुइया परिवार से जुड़े व्यक्तियों के बैंक खातों के जरिये होने की बात सामने आई। पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा दिन में पहले आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों को दी गई अंतरिम सुरक्षा को रद्द करने के बाद हुई है।

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले साल दिसंबर में उद्योगपति, उनके बेटे राघव और उनकी बेटी पल्लवी को देश भर में विभिन्न ऑनलाइन घोटालों से प्राप्त धनराशि को अपने बैंक खातों में जमा करने के आरोप में अग्रिम जमानत दे दी थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक यह मामला एक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए संचालित फर्जी निवेश योजना के जरिए एक वरिष्ठ नागरिक से कथित तौर पर 93 लाख रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है।

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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