East Coast Railway Safety Awareness Campaign: पूर्व तट रेलवे (ईसीओआर) ने एक जागरूकता अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य रेलवे ट्रैक, चलती ट्रेन के पायदान या छत पर सेल्फी लेना, वीडियो बनाना या रील शूट करने जैसी खतरनाक और गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना है। इस पहल की जानकारी एक आधिकारिक बयान के माध्यम से दी गई, जिसमें अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कार्य न केवल जानलेवा हैं, बल्कि रेलवे अधिनियम 1989 के अंतर्गत दंडनीय अपराध भी माने जाते हैं।
(ईसीओआर) ने एक बार फिर चेतावनी जारी की है, जो 15 वर्षीय बिश्वजीत साहू की दुखद मृत्यु के दो दिन बाद सामने आई। साहू की जान उस समय चली गई जब वह पुरी में रेलवे ट्रैक के पास वीडियो बना रहा था और ट्रेन की चपेट में आ गया। ईसीओआर ने गुरुवार को जारी अपने बयान में स्पष्ट किया कि रेलवे ट्रैक, स्टेशन परिसर और चलती ट्रेनें अत्यधिक जोखिम वाले संचालन क्षेत्र हैं, न कि मनोरंजन या वीडियो निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान। बयान में यह भी कहा गया कि इन क्षेत्रों में बिना अनुमति प्रवेश करना या स्टंट करना न केवल जान के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि यह एक गंभीर आपराधिक लापरवाही भी मानी जाती है।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
पूर्व तट रेलवे (ईसीओआर) ने स्पष्ट किया है कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) को नियमों के उल्लंघन करने वालों के प्रति 'शून्य सहिष्णुता' की नीति अपनाने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि ऐसे मामलों में रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 147 और 153 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें दोषियों को जेल की सजा और आर्थिक जुर्माना दोनों का सामना करना पड़ सकता है।
जागरूकता अभियान को अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय
रेलवे द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि लोगों को ऐसे जोखिम भरे कार्यों से दूर रहना चाहिए, क्योंकि रेलवे ट्रैक के ऊपर लगे हाई-वोल्टेज ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों (ओएचई) के संपर्क में आने से जानलेवा हादसा हो सकता है। एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व तट रेलवे (ईसीओआर) ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है, जिसमें सार्वजनिक उद्घोषणाएं, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संदेश और नियमित गश्त शामिल हैं। जुलाई माह में, ओडिशा के बौद्ध जिले में रेलवे ट्रैक पर खतरनाक स्टंट करते हुए वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल ने दो युवकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी।
(इनपुट - भाषा)
