DU Professor Murder Case: दिल्ली के पूर्वी जिले के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम एन्क्लेव में दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज की अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. देबोस्मिता पॉल की हत्या की गुत्थी को दिल्ली पुलिस ने सुलझा लिया है। इस खूनी खेल का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के वर्धमान के रहने वाले एक पति-पत्नी निकले। ईस्ट जिला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर लिया है। यह हत्या पूरी तरह से एक प्रॉपर्टी विवाद के चलते अंजाम दी गई थी।
200 लोग थे रडार पर
गुरुवार दोपहर को हुए इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए दिल्ली पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। ईस्ट जिला पुलिस की 7 टीमें भारत के 4 राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही थीं। पुलिस ने तफ्तीश के दौरान वारदात के दिन सोसाइटी में आने-जाने वाले करीब 200 लोगों को अपने रडार पर लिया था, जिनकी भूमिका संदिग्ध लग रही थी। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर इनमें से 13 संदिग्धों को बेहद महत्वपूर्ण माना गया। इन 13 संदिग्धों से कड़ी पूछताछ और कड़ियों को जोड़ने के बाद आखिरकार पुलिस असली हत्यारों तक पहुंचने में कामयाब रही।
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नाना की प्रॉपर्टी और किराएदारी का विवाद
पुलिसिया पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मृतका प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल की पश्चिम बंगाल में अपने नाना की एक बेशकीमती प्रॉपर्टी थी। गिरफ्तार आरोपी पति-पत्नी इसी प्रॉपर्टी में बतौर किराएदार रह रहे थे। दोनों आरोपियों की नीयत उस प्रॉपर्टी पर खराब हो गई थी और वे उसे हड़पना चाहते थे। वहीं, प्रोफेसर देबोस्मिता उन पर प्रॉपर्टी खाली करने या उसे हासिल करने को लेकर लगातार दबाव बना रही थीं। इसी बात से खुन्नस खाकर आरोपियों ने प्रोफेसर को अपने रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
कैसे हुई वारदात
साजिश के तहत आरोपी पति-पत्नी बंगाल से दिल्ली आए। किसी को उन पर शक न हो, इसलिए वे अपने साथ अपने छोटे बच्चे को भी लेकर आए थे। गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे वे देबोस्मिता से मिलने के बहाने उनके सत्यम एन्क्लेव स्थित फ्लैट पर पहुंचे। बच्चा साथ होने के कारण सोसाइटी के सुरक्षाकर्मियों और देबोस्मिता को कोई शक नहीं हुआ और उन्हें आसानी से फ्रेंडली एंट्री मिल गई। फ्लैट के अंदर दाखिल होने के बाद बातचीत के दौरान मौका पाकर दोनों ने अपने साथ लाए हथियार से देबोस्मिता के सिर पर वार कर दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मुख्य दरवाजे को बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए थे।
सुबह से नहीं उठ रहा था फोन, बड़ी बहन ने तोड़ा था ताला
इस घटना का खुलासा तब हुआ जब देबोस्मिता की बड़ी बहन देवारति पॉल सुबह से उन्हें लगातार फोन कर रही थीं। जब कोई जवाब नहीं मिला, तो देवारति को किसी अनहोनी की आशंका हुई। वह दोपहर में न्यू अशोक नगर थाने गईं और फिर पुलिस व सोसाइटी के लोगों की मदद से फ्लैट का ताला तोड़ा। अंदर जाने पर देबोस्मिता का शव फर्श पर खून से लथपथ पड़ा मिला था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया था कि देबोस्मिता साल 2017 में शादी के बाद घरेलू विवाद के कारण 2022 से अपने पति से अलग रह रही थीं और यहाँ अकेली थीं। फिलहाल पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाकर आगे की विधिक कानूनी कार्रवाई कर रही है।
