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DU महिला प्रोफेसर हत्याकांड के 10 बड़े खुलासे, हाई-राइज सोसाइटी में 'फ्रेंडली एंट्री' के बाद मर्डर, ताला लगा भागा कातिल

DU Professor Murder: वसुंधरा एन्क्लेव में हुए डीयू के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. देबोस्मिता पॉल (DU Assistant Professor Devosmita Paul) की हत्या मामले में कई खुलासे हुए हैं। हत्या एक या दो दिन पहले होने की आशंका है।

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दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर देवस्मिता पॉल की हत्या (AI Photo)

DU Professor Murder: पूर्वी दिल्ली के पॉश इलाके वसुंधरा एन्क्लेव से एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के शिवाजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. देबोस्मिता पॉल (DU Assistant Professor Devosmita Paul) की उनके ही फ्लैट में बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात वसुंधरा एन्क्लेव की 'सत्यम अपार्टमेंट' सोसाइटी की है, जहां मृतका अकेले रहती थीं। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री ने हाई-राइज सोसाइटियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने न्यू अशोक नगर थाने में हत्या की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस हत्याकांड की जांच में अब तक कई हैरान कर देने वाले और बड़े खुलासे हुए हैं, जो किसी गहरी साजिश या जानकार की संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं:

महिला प्रोफेसर हत्याकांड के 10 बड़े खुलासे

1. कातिल ने बाहर से लगाया ताला: जब मृतका की बहन फ्लैट पर पहुंचीं, तो मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था। अंदर जाने पर प्रोफेसर देबोस्मिता का शव बरामद हुआ। इससे साफ है कि कातिल ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया और बेहद शातिर तरीके से बाहर से ताला बंद कर आसानी से सोसाइटी से फरार हो गया।

2. ड्राइंग रूम में मिला शव, सिर पर वजनदार चीज से वार: दो कमरों के इस फ्लैट के ड्राइंग रूम में महिला प्रोफेसर का शव मिला। शुरुआती जांच के अनुसार, उनके सिर पर किसी वजनदार चीज से जोरदार वार किया गया था, जिससे अत्यधिक चोट आने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

3. दो दिन पहले ही हो चुकी थी हत्या! फ्लैट के मुख्य दरवाजे के बाहर कल सुबह का अखबार वैसे ही पड़ा हुआ था। इससे पुलिस का अनुमान है कि हत्या को कल नहीं, बल्कि कम से कम एक या दो दिन पहले ही अंजाम दिया जा चुका था।

4. ड्राइवर के फोन से खुला राज: देवोस्मिता रोज सुबह कॉलेज जाती थीं। कल सुबह जब उनके ड्राइवर ने उन्हें कॉलेज ले जाने के लिए फोन किया, तो फोन पिक नहीं हुआ और बाद में बंद आने लगा। अनहोनी की आशंका होने पर ड्राइवर ने तुरंत इसकी जानकारी प्रोफेसर की बहन देवोरीता को दी।

5. मेंटेनेंस टीम की मदद से टूटा ताला: ड्राइवर की सूचना के बाद बहन देवोरीता दोपहर करीब 2:35 बजे सोसाइटी पहुंचीं। जब फ्लैट का दरवाजा नहीं खुला, तो उन्होंने सोसाइटी की मेंटेनेंस टीम की मदद से ताला तुड़वाया। अंदर बहन का शव देख उनके होश उड़ गए, जिसके बाद तुरंत पुलिस पीसीआर को कॉल की गई।

6. दो दिन से कॉलेज नहीं जा रही थीं देबोस्मिता: जांच में सामने आया है कि महिला प्रोफेसर पिछले दो दिनों से कॉलेज नहीं जा रही थीं। दो दिन पहले उन्हें आखिरी बार घर से बाहर शॉपिंग करने के लिए निकलते हुए देखा गया था।

7. मोबाइल बरामद, घर में नहीं हुई लूटपाट: पुलिस को मृतका का मोबाइल फोन घर के अंदर से ही बरामद हुआ है और उसकी लोकेशन भी घर की ही मिली है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि घर के अंदर किसी भी तरह की लूटपाट या सामान के साथ छेड़छाड़ के निशान नहीं मिले हैं।

8. पति से अलग और शांत स्वभाव: मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली देबोस्मिता अपने पति से अलग रहती थीं। उनके पति बेंगलुरु में रहते हैं। सोसाइटी के लोगों के मुताबिक, वह बहुत शांत स्वभाव की थीं और ज्यादा किसी से मेल-जोल नहीं रखती थीं।

9. ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी बॉयज पर शक: देबोस्मिता ज्यादातर समय ऑनलाइन शॉपिंग करती थीं और खाना भी ऑनलाइन ही मंगाती थीं। पुलिस अब उन सभी ऑनलाइन डिलीवरी बॉयज का रिकॉर्ड खंगाल रही है, जिन्होंने हाल के दिनों में उनके फ्लैट पर खाने या किसी अन्य सामान की डिलीवरी की थी।

10. फ्लैट के पास सीसीटीवी का न होना: हालांकि सत्यम अपार्टमेंट के मुख्य गेट पर 24 घंटे सुरक्षा गार्ड रहते हैं और सीसीटीवी की निगरानी है, लेकिन जिस ब्लॉक या फ्लैट के पास देबोस्मिता रहती थीं, वहां आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे थे। कातिल ने शायद इसी बात का फायदा उठाया।

'फ्रेंडली एंट्री' की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

घटनास्थल के हालात को देखते हुए पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि यह मामला 'फ्रेंडली एंट्री' (यानी किसी परिचित का घर में आना) का है। घर में जबरन घुसने के कोई सबूत नहीं मिले हैं, जिससे लगता है कि मृतका ने खुद कातिल के लिए दरवाजा खोला था।

फिलहाल पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाने के बाद फ्लैट को सील कर दिया है। पुलिस सोसाइटी के मुख्य गेट के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, आने-जाने वालों का रजिस्टर चेक किया जा रहा है और मृतका के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि उन्हें कुछ अहम सुराग मिले हैं और जल्द ही हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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