Vaishali News: बिहार के वैशाली जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां शराब के नशे में धुत दरोगा द्वारा सेना के जवान पर फायरिंग किए जाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना में सेना का जवान बाल-बाल बच गया, हालांकि गोली चलने के दौरान बारूद के असर से उसकी आंख में चोट लगने की बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपी पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है, जबकि मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अचानक बदल गया माहौल
जानकारी के अनुसार, यह घटना हाजीपुर-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-22 पर भगवानपुर थाना क्षेत्र के बांथू गांव के पास सोमवार तड़के हुई। बताया जा रहा है कि पुलिस का स्टिकर लगी एक कार सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त होकर फंस गई थी। वाहन में सवार व्यक्ति ने पास के एक घर का दरवाजा खटखटाकर मदद मांगी। घर के लोगों ने इंसानियत दिखाते हुए उसकी सहायता की, लेकिन कुछ ही देर बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
सर्विस रिवॉल्वर से चलाई जवान पर गोली
आरोप है कि वाहन में मौजूद व्यक्ति, जो खुद को पुलिस विभाग का दरोगा बता रहा था, शराब के नशे में था और उसने घरवालों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। इसी दौरान मौके पर मौजूद सेना के जवान रजनीश ने इसका विरोध किया। आरोप है कि विरोध से नाराज होकर दरोगा ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकाल ली और जवान पर बेहद करीब से गोली चला दी। गनीमत रही कि गोली सीधे जवान को नहीं लगी, लेकिन फायरिंग के दौरान निकले बारूद के कारण उसकी आंख में चोट आई।
पूरे मामले की जांच जारी
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत भगवानपुर थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान वाहन से सर्विस रिवॉल्वर के अलावा शराब की एक बोतल भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी की पहचान दीपक कुमार के रूप में बताई जा रही है, जो अररिया जिले के फारबिसगंज में दरोगा के पद पर तैनात है।
गाड़ी भी दुर्घटनाग्रस्त
बताया जा रहा है कि वह निजी वाहन से कहीं से लौट रहा था, तभी उसकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हालांकि उसकी तैनाती और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। इस घटना ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस पुलिस विभाग पर शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू कराने की जिम्मेदारी है, उसी विभाग के एक अधिकारी पर शराब के नशे में फायरिंग करने जैसे गंभीर आरोप लगने से कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहस तेज हो गई है। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।
