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बहुत बार किया होगा यहां से सफर, पर क्या बता पाएंगे रिंग रोड का आधिकारिक नाम?

दिल्ली की रिंग रोड सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि राजधानी की रफ्तार की रीढ़ है। शहर के पुराने इलाकों से लेकर नए विस्तार तक, यह सड़क दिल्ली के बदलते स्वरूप की गवाह रही है। लेकिन रोज इस पर चलने वालों में से बहुत कम लोग जानते हैं कि रिंग रोड का एक आधिकारिक नाम भी है। ऐसे में आइए जानें इसके बारे में।

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क्या है रिंग रोड का ऑफिशियल नाम?

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Ring Road Delhi Official Name: दिल्ली की रिंग रोड राजधानी की सबसे प्रमुख सड़कों में गिनी जाती है। इसे मूल रूप से नई दिल्ली के बाहरी हिस्से को जोड़ने के लिए बनाया गया था, लेकिन समय के साथ यह शहर के कई पुराने और सांस्कृतिक रूप से विविध इलाकों से होकर गुजरने लगी। दिल्लीवासियों के लिए यह सड़क बेहद अहम है क्योंकि यह शहर के बढ़ते यातायात और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने में मदद करती है।

इनर रिंग रोड लगभग 55 किलोमीटर (करीब 34 मील) लंबी है और अधिकांश हिस्सों में बिना ट्रैफिक सिग्नल के चलने योग्य है। मैजिक ब्रिक्स के मुताबिक, नवंबर 2025 में, दिल्ली सरकार ने पूरे 55 किलोमीटर के कॉरिडोर पर भीड़ कम करने के लिए रिंग रोड को फिर से बनाने और बेहतर बनाने की योजना शुरू की। 6 महीने की स्टडी और DPR मई 2026 में खत्म होगी। 7,000-8,000 करोड़ की योजना में मौजूदा पूरे रिंग रोड के ऊपर एक एलिवेटेड रोड कॉरिडोर बनाना भी शामिल है। पर अब सवाल ये है कि, अगर आप दिल्ली आए-गए हैं या दिल्लीवासी हैं तो क्या आप रिंग रोड का असली नाम जानते हैं? अगर नहीं तो आइए जानें इसका आधिकारिक नाम और इससे जुड़े फैक्ट्स।

Delhi Ring Road (Photo: Wikimedia Commons)

दिल्ली रिंग रोड (फोटो: Wikimedia Commons)

ये फ्लाईओवर और अंडरपास हैं मौजूद

दिल्ली में रिंग रोड और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए कई फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए गए हैं। इनमें निजामुद्दीन क्रॉसिंग ब्रिज और नोएडा मोड़/एनएच-24 के टी-प्वाइंट पर स्थित पुल प्रमुख हैं। आईटीओ क्षेत्र में क्लोवरलीफ फ्लाईओवर यातायात के दबाव को कम करता है, जबकि पुराने हनुमान मंदिर, आयरन ब्रिज, ओल्ड दिल्ली क्रॉसिंग और यमुना बाजार से जुड़े पुल इस हिस्से को जोड़ते हैं। कश्मीरी गेट आईएसबीटी फ्लाईओवर कॉम्प्लेक्स उत्तर और पूर्वी दिल्ली के बीच आवागमन को आसान बनाता है। इसके अलावा आजादपुर ब्रिज, शालीमार बाग फ्लाईओवर, वजीरपुर ब्रिज और प्रेमबाड़ी चौक का अंडरपास भी इसी मार्ग पर स्थित हैं। आगे बढ़ने पर ब्रिटानिया चौक फ्लाईओवर, पंजाबी बाग फ्लाईओवर और मोती नगर फ्लाईओवर मिलते हैं।

राजा गार्डन और शिवाजी प्लेस डिस्ट्रिक्ट सेंटर का फ्लाईओवर, कीर्ति नगर-मायापुरी फ्लाईओवर तथा नारायणा में स्थित राजपूत सम्राट अनंगपाल तंवर सेतु यातायात को निर्बाध बनाए रखते हैं। धौला कुआं क्षेत्र में भी बड़ा फ्लाईओवर है, जबकि दक्षिण दिल्ली में मोती बाग फ्लाईओवर और अफ्रीका एवेन्यू फ्लाईओवर महत्वपूर्ण हैं। सरोजिनी नगर में श्री विनायक मंदिर मार्ग के ऊपर बना फ्लाईओवर और श्री अरविंदो मार्ग पर स्थित एम्स फ्लाईओवर कॉम्प्लेक्स भी इसी श्रृंखला का हिस्सा हैं। साउथ एक्सटेंशन, अगस्त क्रांति मार्ग और भीष्म पितामह मार्ग के चौराहे पर फ्लाईओवर है, वहीं मूलचंद फ्लाईओवर के नीचे डिफेंस कॉलोनी अंडरपास बनाया गया है। आगे लाजपत नगर फ्लाईओवर, नेहरू नगर ब्रिज और अंत में आश्रम-डीएनडी एक्सटेंशन फ्लाईओवर इस मार्ग पर स्थित प्रमुख संरचनाएं हैं।

क्या है रिंग रोड का आधिकारिक नाम?

रिंग रोड या इनर रिंग रोड के नाम से मशहूर इस सड़क का आधिकारिक नाम महात्मा गांधी मार्ग है। इनर रिंग रोड पर टैक्सी और कारों सहित प्राइवेट गाड़ियों के लिए स्पीड लिमिट 60 किलोमीटर प्रति घंटा है। यह मार्ग शहर के लोगों के लिए आसान और सुगम आवागमन देती है। शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचकर, यह सड़क यात्रियों को शहर के अलग-अलग हिस्सों और आस-पास के राज्यों तक आसानी से पहुंचने में मदद करती है। इनर रिंग रोड ने अपने रास्ते में पड़ने वाली कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग भी बढ़ाई है। इसने इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने को भी बढ़ावा दिया है।

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रिंग रोड से जुड़ी जगहें

दिल्ली रिंग रोड पर आने वाली जगहों के नाम

दिल्ली की रिंग रोड पर अगर एंटी-क्लॉकवाइज में यात्रा की जाए, तो ये शालीमार बाग से शुरू होता है। इसके बाद वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र और अशोक विहार आते हैं, फिर केशव पुरम, पीतमपुरा और शकूरपुर पड़ते हैं। आगे पंजाबी बाग, बाली नगर, राजा गार्डन और रमेश नगर से होते हुए राजौरी गार्डन तथा मानसरोवर गार्डन आते हैं। इसके पश्चात मायापुरी, नारायणा और दिल्ली कैंटोनमेंट क्षेत्र पड़ता है, जहां से मार्ग धौला कुआं की ओर बढ़ता है।

आगे दक्षिणी दिल्ली में दिल्ली विश्वविद्यालय का साउथ कैंपस, मोती बाग, न्यू मोती बाग, आरके पुरम और भिकाजी कामा प्लेस स्थित हैं, जिसके बाद वर्ल्ड ट्रेड सेंटर आता है। इसके बाद सरोजिनी नगर, सफदरजंग एन्क्लेव और एम्स दिल्ली पड़ते हैं। आगे किदवई नगर, साउथ एक्सटेंशन, एंड्रयूज गंज और लाजपत नगर से गुजरते हुए मार्ग श्रीनिवासपुरी, आश्रम और सनलाइट कॉलोनी तक पहुंचता है।

इसके बाद महारानी बाग, सराय काले खां और निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन आते हैं। आगे मिलेनियम पार्क, प्रगति मैदान और इंद्रप्रस्थ एस्टेट से होते हुए रास्ता आईटीओ और राजघाट तक जाता है। इसके बाद लाल किला, कश्मीरी गेट और सिविल लाइंस पड़ते हैं। अंत में दिल्ली विश्वविद्यालय का नॉर्थ कैंपस, जीटीबी नगर, मॉडल टाउन और आजादपुर से होकर यह क्रम पूरा होता है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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