इस तस्वीर को देखकर कहीं आप ये तो नहीं सोच रहे कि ये स्कूल बस ड्राइवर किसी नदी में बस को उतार रहा है। अगर ऐसा सोच रहे हैं तो आप बिल्कुल गलत हैं, क्योंकि ये सड़क है। जी हां, कम से कम राजस्थान में धौलपुर प्रशासन तो इसे सड़क ही कहता है। हालांकि, यहां के निवासियों का मानना है कि यहां पहले सड़क हुआ करती थी, अब गड्ढे ही गड्ढे बचे हैं। बड़ी बात ये है कि इसी सड़क को पार करके लोगों को रोज अपने काम पर आना-जाना पड़ता है। गुहार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी है कि कम से कम छोटे-छोटे स्कूली बच्चों की विनती तो सुन लें। क्योंकि बच्चे जिस बस से स्कूल जाते हैं, वह बस रोज इन्हीं गड्ढों में हिचकोले खाते हुए स्कूल आती-जाती है। Timesnownavbharat ने धौलपुर की इसी सड़क पर जाकर ग्राउंड रिपोर्ट की। खबर में वीडियो भी है, जिसे देखकर आप समझ जाएंगे कि धौलपुर की सड़क का क्या हाल नहीं हश्र है।
हमारी ग्राउंड रिपोर्ट में जो दिखा वह डराने वाली तस्वीर है। क्योंकि सड़क पर इतने बड़े गड्ढे हैं कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों से बात की तो उन्होंने बताया कि पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं। लेकिन प्रशासन ने जो चश्मा पहना हुआ है, उन्हें इन गड्ढों में सड़क नजर आती है। या फिर वह कभी इस सड़क से गुजरते ही नहीं और उनके कानों तक सड़क की इस बदहाली की खबर भी नहीं पहुंचती।
वैसे धौलपुर में हम जिस सड़क की बात कर रहे हैं उस तक अधिकारियों की नजर न पहुंचे ऐसा हो नहीं सकता, क्योंकि यह NH44 की सर्विस रोड है। ऐसे में यही कह सकते हैं कि अधिकारी सड़क की यह हालत देखकर नजर फेर लेते हैं या उन्हें इससे फर्क ही नहीं पड़ता। NH44 की सर्विस रोड की हालत लगातार और भी खराब होती जा रही है। सर्विस रोड जगह-जगह से इतनी ज्यादा टूट चुकी है कि अब गड्ढों के बीच सड़क के कुछ हिस्से झांकते हुए दिखते हैं और सड़क के उन हिस्सों को देखने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।

धौलपुर की सड़क का हाल देख हिल जाएंगे आप
अक्सर इन गड्ढों में पानी भरा हुआ रहता है। इस तथाकथित सर्विस रोड से हर रोज स्कूली बच्चों की बसें, दुपहिया वाहन, ऑटो और पैदल राहगीर भी गुजरते हैं। गड्ढों में पानी भरे होने की वजह से यह भी पता नहीं चल पाता कि गड्ढा कितना गहरा है, ऐसे में हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। वाहन चालक गड्ढों का अंदाजा लगाकर भगवान भरोसे इनमें गाड़ी चलाते हैं और बड़ी बात ये है कि इस दौरान छोटे-छोटे स्कूली बच्चों की जान खतरे में रहती है।
मजबूरी में लोग जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से आते-जाते हैं। स्कूली बच्चों का कहना है कि जब उनकी बस इस सर्विस रोड से निकलती है तो हमेशा डर बना रहता है कि कहीं बस गड्ढे में न फंस जाए या पलट न जाए। बारिश के दिनों में तो हालात और भी भयावह बन जाते हैं। कई बार गाड़ियां खराब हो जाती हैं तो लोग बीच रास्ते में फंस जाते हैं, फिर उन्हें इन्हीं पानी भरे गड्ढों से होकर पैदल जाना पड़ता है।

खस्ताहाल सड़क से परेशानी में लोग
आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों में इसे लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभागों को कई बार इस संबंध में शिकायत दे चुके हैं। लेकिन अब तक उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। सड़क की बदहाली के कारण रोजमर्रा के कामों में भी भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि NHAI और जिला प्रशासन जल्द से जल्द इस सर्विस रोड की मरम्मत कराए और जल निकासी की उचित व्यवस्था करे, ताकि स्कूली बच्चों, राहगीरों और वाहन चालकों को भी राहत मिल सके।
