मथुरा-वृंदावन की कुंज गलियों में उड़ा रंग-गुलाल, राधे-राधे के बीच घुली होली की मिठास
- Edited by: Pushpendra Kumar
- Updated Mar 3, 2026, 06:25 PM IST
Vrindavan Ki Holi: मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में होली का अलग रूप देखने को मिल रहा है। होली की मिठास के बीच राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण से जयकारे लग रहे हैं। रंगों के पर्व का आनंद लेने के लिए दूर-दराज से लोग परिवार के साथ कुंज गलियों में पहुंचे हैं।
मथुरा और वृंदावन की होली
मथुरा : होली का असली आनंद मथुरा और वृंदावन में आता है, जहां भक्त आध्यत्मिक रंग में रंगकर होली का पर्व मनाते हैं। 25 फरवरी से ही मथुरा और वृंदावन में होली का आगाज हो चुका है, लेकिन 4 मार्च से पहले मथुरा-वृंदावन में भक्तों की भारी भीड़ होली खेलने के लिए पहुंच रही है। देश के अलग-अलग राज्यों से लोगों को वृंदावन में होली का आनंद लेते हुए देखा जा रहा है।
मथुरा और वृंदावन के मंदिरों में होली का अलग रूप देखने को मिलता है, और यही कारण है कि लोग मथुरा-वृंदावन की होली का आनंद लेने और वहां की रज को माथे से लगाने के लिए आते हैं। होली का आनंद लेने इटावा से पहुंचे श्रद्धालु ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "मथुरा की होली के बारे में जितना सुना था, उससे कहीं ज्यादा आनंद से भरा महसूस कर रहे हैं। यहां की होली में एक मिठास है, जो राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण से जोड़ती है। यहां की होली की मिठास का आनंद लेने के लिए ही हम परिवार के साथ पहुंचे हैं।"
प्रेम भरी होली में डूबे लोग
दिल्ली से आए राघव ने बताया कि वे हर साल होली का आनंद लेने के लिए वृंदावन आते हैं। उन्होंने कहा, "भले ही लोग सूतक और ग्रहण के बारे में बात कर रहे हैं, लेकिन इन चीजों से हमें फर्क नहीं पड़ता। हम आते हैं और भगवान की कृपा से हर बार अच्छे दर्शन होते हैं। दर्शन के बाद लगता है कि आज कुछ अच्छा काम किया है। मन को बहुत शांति मिलती है।" वहीं, अन्य श्रद्धालु ने कहा, "वो 6 साल से हर होली वृंदावन में ही मनाते हैं क्योंकि ऐसे प्रेम भरी होली देश के किसी और हिस्से में नहीं होती।" मथुरा और वृंदावन के अलावा, कोलकाता के इस्कॉन मंदिर में भी भक्तों ने प्रेम के साथ राधा नाम जपते हुए होली खेली।
इस्कॉन मंदिर के उपाध्यक्ष राधारमन प्रभु का कहना है, "चैतन्य महाप्रभु प्रेम का संदेश फैलाने आए थे। उनका जन्म 1486 में नबद्वीप में हुआ था। उनका जन्म होली के दिन हुआ था, जिसे उस समय लोग मना रहे थे। दिलचस्प बात यह है कि उस दिन चंद्र ग्रहण भी था और आज भी वही दिन है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Cities News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
