लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ गुस्सा जाहिर करने के लिए लोग सड़कों पर उतरते हैं। जानकार भी कहते हैं कि कानून के दायरे में रहकर अपनी बात कहने के लिए हर नागरिक स्वतंत्र है। नुमाइंदों का घेराव उनमें से एक है। बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव जब सरकार में नहीं थे तो आरोप लगाया करते थे कि जनता की बुनियादी समस्याओं के प्रति बिहार की तत्कालीन सरकार का नजरिया उदासीन है। हालांकि अब वो खुद सरकार में हैं और जब वो अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर का दौरा कर रहे थे तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। लोगों ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। कड़ी मशक्कत के बाद उनके काफिले को लोगों से बाहर निकाला गया। आइए अब जानते हैं कि पूरा मामला क्या है। दरअसल लोग बुनियादी जरूरतों के लिए डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का घेराव कर रहे थे। लोगों का कहना था कि अब तो आप सरकार में हैं उसके बाद भी इलाके के लोगों को तरह तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। तेजस्वी यादव भी कार में बैठकर लोगों की शिकायतों को सुनते हुए निराकरण का वादा करते रहे। लेकिन लोग उनकी एक भी सुनने के लिए तैयार नहीं थे।
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अपने ही विधानसभा में लोगों के गुस्से का शिकार हुए डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, जानें पूरा मामला
- Produced by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलWritten by: ललित राय
- Updated Jan 25, 2023, 10:09 AM IST
