Varanasi Dalmandi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित दालमंडी इलाके में आज 11 मई सोमवार को वक्फ बोर्ड द्वारा संचालित 'मुसाफिर खाना' संपत्तियों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। इलाके में ध्वस्तीकरण कार्रवाई जारी है, जिसके चलते भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके पर पीडब्ल्यूडी, जिला प्रशासन, पैरामिलिट्री फोर्स, पीएसी और स्थानीय पुलिस की टीम मौजूद है।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए करीब 300 से अधिक जवानों की तैनाती की गई है, जबकि पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। दशाश्वमेध ACP अतुल अंजन त्रिपाठी ने कहा, "यह एक वक्फ की संपत्ति है मुसाफिर खाना, जिस पर ध्वस्तीकरण का कार्य चल रहा है। इसमें जो संबंधित विभाग है, उसके द्वारा कानूनी प्रक्रिया को पूरा किया गया और काफी समय देने के बाद आज धवस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई है।" उन्होंने आगे कहा, "पर्याप्त बल तैनात किया गया है। लोगों की आवाजाही को रोकने के लिए बैरिगेडिंग की गई है और ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है।"
इससे पहले हुई कार्रवाई?
इससे पहले पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने गुरुवार रात से ही दलमंडी क्षेत्र में मुनादी कर लोगों को सूचना देना शुरू कर दिया था। इसके बाद अगले दिन दोपहर 12 बजे से ध्वस्तीकरण अभियान शुरू हुआ और बुलडोजर लगाए गए। प्रशासन की ओर से दुकानदारों और मकान मालिकों को अपना सामान हटाने के लिए दोपहर तक का समय दिया गया था। पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता के.के. सिंह ने बताया था कि, विभाग ने 45 ऐसी इमारतों को चिन्हित किया है जिन्हें अवैध, अपंजीकृत या बेहद जर्जर स्थिति में पाए जाने के कारण गिराया जाना प्रस्तावित है।
क्या है दालमंडी मॉडल रोड प्रोजेक्ट?
बता दें कि योगी सरकार दालमंडी क्षेत्र को काशी की एक आधुनिक और सुव्यवस्थित ‘मॉडल रोड’ के तौर पर विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। प्रस्तावित परियोजना के तहत करीब 650 मीटर लंबी और 17.5 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। सड़क के दोनों किनारों पर लगभग 15-15 फीट चौड़े फुटपाथ तैयार किए जाएंगे, जहां पर्यटकों की सुविधा के लिए बैठने की व्यवस्था और आकर्षक लाइटिंग लगाई जाएगी। इसके अलावा बिजली, पानी और सीवर से जुड़ी सभी लाइनें भूमिगत की जाएंगी ताकि क्षेत्र का सौंदर्य और व्यवस्था बेहतर हो सके। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 220 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य के चलते करीब 181 मकान और लगभग 500 दुकानें प्रभावित होंगी। प्रभावित लोगों को मुआवजा देने के लिए सरकार ने 194 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिनमें से अब तक 120 लोगों को भुगतान किया जा चुका है।
नए रास्ते के बनने से क्या होगा?
फिलहाल काशी विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए मैदागिन और गोदौलिया दो प्रमुख मार्ग मौजूद हैं, लेकिन दालमंडी रोड विकसित होने के बाद यह तीसरा और सबसे चौड़ा संपर्क मार्ग बन जाएगा। इस नए रास्ते के बनने से मंदिर की दूरी करीब 150 मीटर तक सीमित रह जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना से बनारस के पारंपरिक हथकरघा उद्योग, लकड़ी के खिलौनों के कारोबार और मशहूर बनारसी सिल्क साड़ी उद्योग को नया प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा सड़क के आसपास होटल और होम-स्टे जैसी सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है, जिससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन ने परियोजना के लिए 28 फरवरी 2026 तक जमीन खाली कराने का लक्ष्य तय किया गया, जबकि जून 2026 तक पूरे प्रोजेक्ट को हैंडओवर करने की समयसीमा निर्धारित की गई है।
