अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर दुनिया की ईंधन सप्लाई पर पड़ रहा है। देश में पिछले पांच दिन में दो बार पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो चुकी है। पिछले शुक्रवार को पेट्रोल-डीजल के दामों में 3 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि आज यानी मंगलवार 19 मई को फिर से 90 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इस बीच CNG के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। लगातार बढ़ती महंगाई और ईंधन के दाम में बढ़ोतरी के बाद अब गुरुवार 21 से शनिवार 23 मई तक दिल्ली में तीन दिन टैक्सी ड्राइवर हड़ताल हो सकती है। इस हड़ताल में टैक्सी और ऑटो ड्राइवर शामिल रहेंगे।
दिल्ली में वाणिज्यिक वाहनों के ड्राइवरों की यूनियन 21 से 23 मई तक तीन दिन की हड़ताल की योजना बना रही है। हड़ताल की यह योजना बढ़ती ईंधन कीमतों के चलते टैक्सी और ऑटो के किराए में बढ़ोतरी के लिए बनाई जा रही है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधु और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को चिट्ठी लिखी है। चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने बताया कि सीएनजी, पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी से ड्राइवरों के सामने अपने परिवार के भरण-पोषण का संकट पैदा हो गया है। वह अपने और परिवार के खर्चे नहीं चला पा रहे हैं। इसलिए चालक शक्ति यूनियन ने अन्य संगठनों के साथ मिलकर 21, 22 और 23 मई को चक्का जाम बुलाया है।
ऐप आधारित कंपनियों पर शोषण का आरोप
ड्राइवर यूनियनों ने जोर देकर टैक्सी किराए में बढ़ोतरी की मांग की है। उनका कहना है कि दिल्ली में लगभग 15 वर्षों से किराए में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। जबकि इस दौरान ईंधन के दामों में तेज बढ़ोतरी हुई है। मेनटेनेंस और ऑपरेशनल कॉस्ट भी बढ़ी है। इसके अलावा उनका आरोप है कि ऐप आधारित कैब कंपनियां मनमाना किराया तय करते हैं और ड्राइवरों का शोषण करती हैं। उनका कहना है कि किराए का मौजूदा स्ट्रक्चर अब आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं रहा।
सीएनजी के दाम में बढ़ोतरी ने बढ़ाई परेशानी
टैक्सी-ऑटो ड्राइवरों के लिए हालात और भी कठिन तब हो गए, जब हाल ही में CNG के दामों में 3 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हो गई। इसके साथ ही दिल्ली में सीएनजी के दाम 80 रुपये प्रति किलो से भी ज्यादा हो चुकी है। ड्राइवरों का कहना है कि इससे उनकी आमदनी पर असर पड़ रहा है और किराए में जल्द से जल्द संशोधन होना चाहिए। यूनियनों का कहना है कि वह 23 मई को दिल्ली सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करेंगे।
ऑटो-टैक्सी हड़ताल हो तो आप क्या करें?
गुरुवार 21 से शनिवार 23 मई तक अगर ऑटो-टैक्सी की हड़ताल होती है तो दिल्लीवासियों की समस्याएं काफी ज्यादा बढ़ सकती हैं। ऐसे में आपको क्या करना चाहिए? आपका भी यही प्रश्न है तो चलिए जानते हैं आपके पास क्या विकल्प हैं -
- मैट्रो का इस्तेमाल करें
- मेट्रो फीडर बस का इस्तेमाल करें
- डीटीसी की Devi बस सेवा में सफर करें
- कार-पूल भी एक अच्छा विकल्प है
- अगर ज्यादा दूर नहीं जाना तो ई-रिक्शा लेकर जा सकते हैं
- अगर संभव हो तो ऑफिस से वर्क फ्रॉम होम लें और घर बैठे काम करें
- इस दौरान मॉल-बाजार या किसी नाते-रिश्तेदारी में आना-जाना अवॉयड करें
- जो साइकिल कई दिनों से घर में धूल फांक रही है, उसको निकालने का यही सही समय है
