Delhi-Karnal Namo Bharat Corridor : दिल्ली एनसीआर से आसपास के शहरों को जोड़ने वाली रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम दिल्ली-करनाल कॉरिडोर (Delhi-Karnal Namo Bharat Train Route) पर काम जल्द ही शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। हरियाणा मंत्रिमंडल ने मंगलवार को 136 किलोमीटर लंबे इस RRTS गलियारे के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 33,000 करोड़ रुपये से अधिक है, जिसमें हरियाणा सरकार की हिस्सेदारी 7,472 करोड़ रुपये होगी। राज्य सरकार अपनी इस राशि को चरणबद्ध तरीके से जारी करेगी। आइये जानते हैं इसके लिए स्टेशन कहां बनाए जाएंगे और उनके नाम क्या होंगे?
नमो भारत चरण-1 के अंतर्गत आरआरटीएस के दिल्ली-पानीपत-करनाल खंड को एनसीआरटीसी विकसित करेगी। फर्स्ट फेज के अंतर्गत दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर (Delhi-Ghaziabad-Meerut Corridor) वर्तमान में चालू है, जबकि दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी-अलवर कॉरिडोर (Delhi-Gurugram-SNB-Alwar Corridor) पर भी काम चल रहा है। एनसीआरटीसी के मुताबिक, तीनों कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर मिलेंगे। ऐसे में यात्री बिना स्टेशन बदले एक कॉरिडोर से दूसरे कॉरिडोर तक यात्रा कर सकेंगे। यानी एक बार नमो भारत ट्रेन में सवार होने के बाद यात्रियों को अंतिम मील तक स्टेशन से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी और आप सीधे अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।
बयान के अनुसार, परियोजना के तहत हरियाणा में कुल 11 स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं, जो एनसीआर के साथ निरंतर और तीव्र परिवहन सुनिश्चित करेंगे। मंत्रिमंडल ने यह भी निर्णय लिया है कि डिपो बुनियादी ढांचे की योजना नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) और संबंधित भूमि स्वामित्व एजेंसी द्वारा संयुक्त रूप से बनाई जाएगी।
दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रेल के स्टेशन
दिल्ली-पानीपत-करनाल रैपिड रेल (Namo Bharat) कॉरिडोर पर सराय काले खां से करनाल तक कुल 17 से 21 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जो लगभग 136.3 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। मुख्य रूप से इस मार्ग में दिल्ली से सराय काले खां, कश्मीरी गेट और हरियाणा में कुंडली, सोनीपत, गन्नौर, पानीपत, घंरौंडा और करनाल जैसे प्रमुख स्टेशन होंगे, जो दिल्ली से हरियाणा की कनेक्टिविटी को आसान बनाएंगे। इसके अलावा प्रमुख स्टेशन पर कश्मीरी गेट, बुराड़ी और अलीपुर भी शामिल हैं।
पहले दिल्ली से हरियाणा का प्रस्तावित नमो कॉरिडोर पहले पानीपत तक विकसित होना था, लेकिन मांग पर संशोधित करते हुए इसे करनाल तक बढ़ाने का प्लान तैयार किया गया। साल 2020 में तात्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में मनोहर लाल खट्टर ने आरआरटीएस को करनाल तक विस्तारित करने की योजना की घोषणा की थी और यह पिछले साल आवास और शहरी मामलों के मंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद ही साकार हुई। विस्तार के साथ, गलियारे की कुल लंबाई 103 किमी (दिल्ली से पानीपत) से बढ़कर करनाल तक 136 किमी. हो गई।
पहले प्रस्तावित कॉरिडोर के तहत 17 स्टेशनों का निर्माण होना था, लेकिन संशोधन के बाद इसमें 4 स्टेशन और जुड़ गए, जिससे स्टेशनों की संख्या 21 होगी। यह पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड ट्रैक और भूमिगत होगा। इसमें 102.85 किलोमीटर लंबा दिल्ली-पानीपत खंड 91.37 किलोमीटर एलिवेटेड और 11.48 किलोमीटर अंडरग्राउंड होगा, जबकि पानीपत-करनाल विस्तार (33.45 किलोमीटर) पूरी तरह से खंभों के ऊपर होगा। इस परियोजना के पूरा होने से दिल्ली से करनाल का सफर महज 90 मिनट में पूरा होगा।
