दिल्ली

NGT का सख्त निर्देश, पानी में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को तुरंत लगाना होगा ट्रैकिंग डिवाइस

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने यमुना और गंगा में औद्योगिक प्रदूषण रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। NGT ने CPCB और दिल्ली, यूपी, हरियाणा, बिहार के प्रदूषण नियंत्रण निकायों को निर्देश दिया है कि नियमों का उल्लंघन कर रही सभी औद्योगिक इकाइयों में तुरंत OCEMS लगाया जाए। NGT ने रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा तय की है और चेतावनी दी है कि उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी

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इंडस्ट्रियल यूनिट्स में लगेंगे OCEMS (सांकेतिक तस्वीर)

NGT Instructions to GPIs: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने यमुना और गंगा में औद्योगिक प्रदूषण को रोकने के लिए बड़ा आदेश दिया है। NGT ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) और दिल्ली, यूपी, हरियाणा और बिहार के प्रदूषण नियंत्रण निकायों को निर्देश दिया है कि जो भी औद्योगिक इकाइयां नियमों का पालन नहीं कर रहीं, उनमें तुरंत OCEMS (Online Continuous Effluent Monitoring Systems) लगाया जाए। इन रियल-टाइम मॉनिटरिंग डिवाइस की मदद से औद्योगिक अपशिष्ट में pH, केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (COD), फ्लो और टोटल सस्पेंडेड सॉलिड्स (TSS) जैसे पैरामीटर्स की रियल टाइम निगरानी होती है।

कई इंडस्ट्री पर लापरवाही का आरोप

जब यह पाया गया कि कई Grossly Polluting Industries (GPIs) अब भी बिना OCEMS के संचालित हो रही हैं, तो 4 नवंबर को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने एक अहम आदेश जारी किया। ये वे उद्योग हैं जो प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक BOD उत्पन्न करते हैं या 25 किलोलीटर से अधिक खराब पानी डिस्चार्ज करते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 704, हरियाणा में 812, बिहार में 21 और दिल्ली में 149 उद्योग ऐसे पाए गए हैं जिन्होंने अब तक OCEMS नहीं लगाया है। NGT की बेंच, जिसमें जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और डॉ. अफरोज अहमद शामिल थे, ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCBs) और प्रदूषण नियंत्रण समितियों (PCCs) को तुरंत कार्रवाई कर इन उद्योगों में OCEMS ठीक तरीके लगाना होगा।

रिपोर्ट जमा करने की समयसीमा भी तय

ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि उप्र, हरियाणा, बिहार और दिल्ली के संबंधित मेंबर सेक्रेट्री को 4 नवंबर से दो महीने के भीतर CPCB को अनुपालन रिपोर्ट देनी होगी और CPCB को एक महीने के भीतर सुधार के लिए सख्त कार्रवाई करनी होगी और तीन महीने के अंदर NGT में एक डीटेल्ड रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

मॉनिटरिंग भी होगी सख्त

NGT ने साथ ही यह भी कहा कि सिर्फ डिवाइस लगाना काफी नहीं है। CPCB को OCEMS से मिलने वाले डेटा की नियमित मॉनीटरिंग करनी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि डिवाइस केवल दिखावा न हों। NGT ने चेतावनी दी कि OCEMS नहीं लगाने या उसे ऑपरेट नहीं करने की स्थिति में वॉटर एक्ट, 1974 सहित संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई होगी।

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 Nishant Tiwari
Nishant Tiwari Author

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृ... और देखें

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