दिल्ली

Delhi News: आज दर्द, 2027 में होगी जांच, LNJP ने मरीज को CT स्कैन के लिए दी तीन साल बाद की तारीख

दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में सीटी स्कैन के लिए मिल रही लंबी वेटिंग से राहत नहीं मिल रही है। सीटी स्कैन के लिए एलएनजेपी पहुंचे मरीज को तीन साल बाद की तारीख दी गई है।

Image

दिल्ली खबर

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

दिल्ली: राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में अव्यस्थाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। संसाधनों की कमी की वजह मरीजों को समय से इलाज मुहैया नहीं हो पा रहा है। जी हां, दिल्ली सरकार के प्रमुख अस्पतालों में शामिल लोक नायक अस्पताल ने सीटी स्कैन के लिए पहुंचे एक मरीज को तीन साल बाद की तिथि दी है। यह बात जनवरी माह में सामने आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मरीज को मौलाना आजाद दंत विज्ञान संस्थान से सीटी स्कैन के लिए भेजा गया था, जिसे तीन साल बाद की एक तिथि निर्धारित करते हुए जांच के लिए आने को कहा गया है। हाल ही में हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों की स्थिति को लेकर चिंता जताई थी। जानकारी के मुताबिक, तीन करोड़ की आबादी पर मात्र मबज छह सीटी स्कैन मशीनें हैं, जो किसी हैरानी से कम नहीं।

2027 में जांच के लिए बुलाया

दांतों के उपचार के लिए संतोष नाम के मरीज मौलाना आजाद दंत विज्ञान संस्थान गए थे। उनकी जांच के बाद डॉक्टर ने सीटी स्कैन कराने के लिए एलएन अस्पताल भेज दिया। यहां अस्पताल तीन मशीनें हैं। एलएन अस्पताल में जांच के लिए मरीजों की अधिक संख्या के चलते परेशानी हो रही है। यही कारण है कि जांच के लिए पहुंचने पर मरीज को मार्च 2027 की तिथि दी गई। मरीज की सर्जरी होनी है और उसे जांच के लिए तीन साल का इंतजार करने को कहा गया है।

अल्ट्रासाउंड-सीटी स्कैन के लिए किल्लत

वहीं, मामले पर मौलाना आजाद दंत कॉलेज की रेडियोलाजी विभाग की एक अधिकारी के मुताबिक, छोटे एक्स-रे की सुविधा अस्पताल में मौजूद है। यहां रोजाना सैकड़ों एक्स-रे होते हैं, लेकिन मरीज को ट्यूमर की समस्या थी। इसलिए ठीक से जांच के लिए सीटी स्कैन कराने को कहा गया था। चूंकि हमारे यहां से सभी सीटी स्कैन एलएन अस्पताल में ही कराए जाते हैं। लिहाजा इस मरीज को भी वहां भेजा गया था। उन्होंने कहा, वहां मरीजों का भार ज्यादा है। मामला तूल पकड़ने पर एलएन अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि यहां तीन सीटी स्कैन मशीनें हैं। इनमें एक इमरजेंसी में लगी है। खासकर, घायल मरीजों को तुरंत जांच की जरूरत होती है। शेष से ओपीडी के मरीजों की जांच होती है। एलएन की ओपीडी आठ हजार से अधिक मरीजों की जांच करती है। वहीं, दूसरे अस्पतालों रेफर होकर आने वाले मरीजों की जांच भार को और बढ़ा देती है। इससे पहले भी अल्ट्रासाउंड के लिए एक से दो साल आगे की तिथि दिए जाने की बात भी सामने आई थी। फिर भी इस बड़ी समस्या का हल नहीं निकाला जा सका है।

देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article