दिल्ली

मिसाइल मैन को समर्पित है ये स्मारक : यहां एपीजे अब्दुल कलाम से होती है मुलाकात

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से मिलने की ख्वाहिश अगर अधूरी रह गई है तो दिल्ली के कलाम मेमोरियल में उनसे अब भी मुलाकात कर सकते हैं। यहां मिसाइल मैन से जुड़ी तमाम चीजें रखी हुई हैं, जिन्हें आप करीब से देख सकते हैं और स्वयं कलाम से मिलने का अनुभव ले सकते हैं।

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कलाम मेमोरियल

Photo : Times Now Digital

सूरज की तरह चमकना चाहते हैं, तो सूरज की तरह जलें... ये कथन है पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल मैन कहे जाने वाले डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का। डॉक्टर कलाम (Dr. APJ Abdul Kalam) वैसे तो किसी भी परिचय के मोहताज नहीं हैं, क्योंकि उन्होंने आधुनिक भारत को आकार देने में अहम भूमिका निभाई थी। वह 5 वर्ष तक देश के राष्ट्रपति रहे। इससे पहले वह भारत के मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े रहे, जिसके चलते उन्हें मिसाइल मैन ऑफ इंडिया कहा जाता है। साल 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण करके उन्होंने देश को न्यूक्लियर पावर बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उनकी उपलब्धियां ऐसी-ऐसी हैं कि उन पर कई किताबें लिखी जा सकती हैं। 15 अक्टूबर 1931 को धनुषकोड़ी, रामेश्वरम में जन्मे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने 27 जुलाई 2015 को अंतिम सांस ली। आज वह भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी एक लंबी-चौड़ी विरासत हमारे पास है, जो हमें आगे बढ़ने का संदेश देती है। दिल्ली में कलाम मेमोरियल ऐसी ही एक जगह है। चलिए जानते हैं कलाम मेमोरियल के बारे में सब कुछ -

कहां है कलाम मेमोरियल

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को समर्पित यह मेमोरियल दिल्ली में INA के पास दिल्ली हाट में बनाया गया है। उनकी विरासत को हर भारतीय के दिल में जीवित रखने के लिए 30 जुलाई 2016 को इस मेमोरियल का उद्गाटन हुआ था। अब्दुल कलाम को पीपुल्स प्रेसिडेंट कहा जाता है और यह मेमोरियल उनके प्रति लोगों के अटूट प्रेम व श्रद्धा को दर्शाता है। यह स्मारक देश के हर बच्चे को भी समर्पित है, यहां बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे मिसाइल मैन से मिलने आते हैं। यहां आकर वह कलाम के बारे में जानते हैं और भविष्य के लिए प्रेरणा लेकर जाते हैं।

कलाम मेमोरियल में क्या है?

डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम एक बहुत अच्छे स्टूडेंट थे। आगे चलकर वह वैज्ञानिक बने और देश के राष्ट्रपति भी रहे। वह विद्वान थे, उनसे प्रेरणा लेने वालों की आज भी कमी नहीं है। अगर आप डॉक्टर अब्दुल कलाम के इस दुनिया में नहीं होने के बावजूद उनसे मिलना चाहते हैं तो कलाम मेमोरियल बेस्ट जगह है। यहां पर कलाम से जुड़ी बहुत सी चीजें रखी गई हैं, जिनमें उनका चश्मा, कलम, कपड़े, राइटिंग पैड, अनपब्लिस्ड पेपर, ऑडियो-विजुअल, स्मारिका आदि रखे गए हैं। यहां पर वह किताबें भी हैं, जिन्हें पढ़कर कलाम प्रेरणा लेते थे। कलाम ने अपने जीवन में कुल 34 किताबें लिखीं, आप उन्हें भी यहां देख सकते हैं।

कब जाएं कलाम मेमोरियल?

कलाम मेमोरियल श्री अरबिंदो मार्ग पर INA मार्केट के सामने दिल्ली हाट में है। यहां जाने के लिए गेट-2 से प्रवेश कर सकते हैं। यहां किसी भी मौसम में जा सकते हैं। मोमोरियल सुबह 10 से रात 7 बजे तक खुला रहता है। ध्यान रहे कि मेमोरियल सोमवार को बंद रहता है, इसलिए इस दिन आप कलाम मेमोरियल में नहीं जा पाएंगे।

कैसे जाएं कलाम मेमोरियल

मिसाइल मैन के इस मेमोरियल में जाना चाहते हैं तो बता दें कि दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों से INA और दिल्ली हाट तक बसें उपलब्ध हैं। इसके अलावा आप दिल्ली मेट्रो से भी यहां पहुंच सकते हैं। इसके लिए आपको INA मेट्रो स्टेशन पर उतरना होगा। बता दें कि यहां एंट्री बिल्कुल मुफ्त है।

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Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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