दिल्ली

आतंकी फंडिंग मामले में ED की बड़ी कार्रवाई; SIMI और इंडियन मुजाहिदीन का नेटवर्क हुआ बेनकाब

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आतंकी फंडिंग से जुड़े एक बड़े मामले में कड़ा एक्शन लिया है। SIMI और इंडियन मुजाहिदीन जैसे प्रतिबंधित संगठनों से संबंध रखने वाले राजू खान की 6.34 लाख रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की गई है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

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ईडी (फोटो: एएनआई)

Photo : ANI

ED Terror Funding Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आतंकी फंडिंग से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत राजू खान की लगभग 6.34 लाख रुपये की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठनों स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) और इंडियन मुजाहिदीन (IM) से जुड़ा हुआ है।

रायपुर से हुई केस की शुरूआत

इस जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के खमतराई थाना क्षेत्र में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर हुई थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि पाकिस्तान निवासी खालिद नाम के व्यक्ति के इशारे पर भारत में कुछ बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन खातों में विभिन्न स्रोतों से धनराशि जमा की जाती थी, जिसे बाद में ज़ुबैर हुसैन, आयशा बानो और राजू खान तक पहुंचाया जाता था। ये तीनों व्यक्ति SIMI और IM जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।

खाते में 48.82 लाख रुपये जमा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में खुलासा हुआ है कि धीरज साव उर्फ धीरज कुमार, खालिद के निर्देश पर कई बैंक खातों के जरिए पैसों का लेन-देन कर रहा था। नकद में जमा की गई राशि को विभिन्न स्तरों (लेयरिंग) से गुजारकर आगे भेजा जाता था ताकि ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना मुश्किल हो। इस नेटवर्क में राजू खान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। उसके बैंक खाते में नकद राशि जमा की जाती थी, जिसे वह तत्काल निकालकर खालिद और धीरज साव द्वारा बताए गए व्यक्तियों तक पहुंचा देता था। जांच के दौरान यह सामने आया कि राजू खान के खाते में कुल 48.82 लाख रुपये जमा किए गए थे।

मामले की जांच अभी भी जारी

जानकारी के मुताबिक, राजू खान ने जमा हुई कुल रकम में से 42.47 लाख रुपये आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों तक पहुंचाए, जबकि करीब 6.34 लाख रुपये उसने कमीशन के रूप में अपने पास रख लिए। प्रवर्तन निदेशालय अब तक उसकी लगभग 9.15 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति अटैच कर चुका है। एजेंसी का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े और भी चेहरों का खुलासा हो सकता है। ईडी की यह कार्रवाई आतंकी फंडिंग के खिलाफ एक बड़ी और अहम पहल मानी जा रही है।

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Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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