ED Terror Funding Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आतंकी फंडिंग से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत राजू खान की लगभग 6.34 लाख रुपये की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया है। यह मामला प्रतिबंधित आतंकी संगठनों स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) और इंडियन मुजाहिदीन (IM) से जुड़ा हुआ है।
रायपुर से हुई केस की शुरूआत
इस जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के खमतराई थाना क्षेत्र में दर्ज एक एफआईआर के आधार पर हुई थी। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि पाकिस्तान निवासी खालिद नाम के व्यक्ति के इशारे पर भारत में कुछ बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इन खातों में विभिन्न स्रोतों से धनराशि जमा की जाती थी, जिसे बाद में ज़ुबैर हुसैन, आयशा बानो और राजू खान तक पहुंचाया जाता था। ये तीनों व्यक्ति SIMI और IM जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।
खाते में 48.82 लाख रुपये जमा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में खुलासा हुआ है कि धीरज साव उर्फ धीरज कुमार, खालिद के निर्देश पर कई बैंक खातों के जरिए पैसों का लेन-देन कर रहा था। नकद में जमा की गई राशि को विभिन्न स्तरों (लेयरिंग) से गुजारकर आगे भेजा जाता था ताकि ट्रांजेक्शन को ट्रैक करना मुश्किल हो। इस नेटवर्क में राजू खान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। उसके बैंक खाते में नकद राशि जमा की जाती थी, जिसे वह तत्काल निकालकर खालिद और धीरज साव द्वारा बताए गए व्यक्तियों तक पहुंचा देता था। जांच के दौरान यह सामने आया कि राजू खान के खाते में कुल 48.82 लाख रुपये जमा किए गए थे।
मामले की जांच अभी भी जारी
जानकारी के मुताबिक, राजू खान ने जमा हुई कुल रकम में से 42.47 लाख रुपये आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों तक पहुंचाए, जबकि करीब 6.34 लाख रुपये उसने कमीशन के रूप में अपने पास रख लिए। प्रवर्तन निदेशालय अब तक उसकी लगभग 9.15 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति अटैच कर चुका है। एजेंसी का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े और भी चेहरों का खुलासा हो सकता है। ईडी की यह कार्रवाई आतंकी फंडिंग के खिलाफ एक बड़ी और अहम पहल मानी जा रही है।
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