दिल्ली

यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार, दिल्ली में निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराया

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 11, 2023, 06:43 AM IST

Yamuna River water level: केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। यमुना में खतरे का निशान 205.33 मीटर है और नदी का जलस्तर 206.24 मीटर पर पहुंच गया है।

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यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान के पार

Photo : ANI

Yamuna River water level: दिल्ली-NCR में लगातार हो रही बारिश के कारण दिल्ली में यमुना नदी उफान पर है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है। यमुना में खतरे का निशान 205.33 मीटर है और नदी का जलस्तर 206.24 मीटर पर पहुंच गया है। इसी के साथ दिल्ली में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।

इसी के साथ दिल्ली सरकार ने यमुना नदी के पास निचले इलाकों में रह रहे लोगों को हटाना शुरू कर दिया है। जल आयोग के मुताबिक, यमुना नदी में हाई फ्लड लेवल 207.49 मीटर है। बता दें कि सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यमुना नदी के किनारे पर रहने वाले करीब 41 हजार लोगों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें जलस्तर 206 मीटर के पार पहुंचने के बाद वहां से हटाया जाएगा। दिल्ली सरकार की ओर से यमुना नदी के किनारे रहने वालों के लिए चेतावनी जारी की गई है। लोगों से यमुना नदी के किनारे पर न जाने की अपील की गई है।

हथिनीकुंड बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी

यमुना नदी में हथिनीकुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण यह स्थिति आई है। नदी उफान पर है और आशंका जताई जा रही है कि मंगलवार को निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं। इससे पहले सोमवार को हथिनी कुंड बैराज से करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था।

ऐसा रहेगा आज दिल्ली का मौसम

उधर, मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली-NCR में आज भी दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को जमकर बारिश की संभावना जताई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि मॉनसून के साथ ही पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव हो गया है, जिस कारण तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। दिल्ली में पिछले एक दिन में 107 मिमी. बारिश दर्ज की गई है।

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प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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